'ऑपरेशन हार्डबॉल' में बड़ा एक्शन: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य फ्रांस में गिरफ्तार, कनाडा से एक और गैंगस्टर डिपोर्ट
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत शिकंजा। फाइनेंसर गरिंदर देव फ्रांस में गिरफ्तार, उसे कनाडा भेजा जा सकता है। कपिल शर्मा के कैफे फायरिंग केस से जुड़े जशनदीप सिंह को कनाडा ने डिपोर्ट किया। US, कनाडा, फ्रांस और भारत मिलकर गैंग के नेटवर्क को तोड़ रहे हैं। ड्रग तस्करी में शामिल गुरअमृत सिद्धू को 20 साल की सजा।
पेरिस/टोरंटो। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रहे अंतरराष्ट्रीय अभियान 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। गैंग के सदस्य गरिंदर देव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है। वहीं कनाडा ने गैंग के एक अन्य सदस्य जशनदीप सिंह को देश से बाहर भेजने का आदेश दिया है।
फ्रांस में पकड़ा गया ड्रग नेटवर्क का फाइनेंसर
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक गरिंदर देव गैंग के ट्रांसअटलांटिक नेटवर्क का फाइनेंस संभालता था। उस पर अमेरिका में कोकीन और हेरोइन की बड़ी खेप पहुंचाने की साजिश का आरोप है।
DOJ का दावा है कि देव ने दक्षिणी कैलिफोर्निया से लेकर पूर्वी अमेरिका तक ड्रग्स की सप्लाई का इंतजाम किया था। जून 2025 में अमेरिकी एजेंसियों ने इसी सिंडिकेट से जुड़ी करीब 100 किलो कोकीन और 1 किलो हेरोइन जब्त की थी। अब फ्रांस से पकड़े जाने के बाद देव को कनाडा प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
कपिल शर्मा के कैफे फायरिंग से जुड़ा कनेक्शन
कनाडा के इमिग्रेशन और रिफ्यूजी बोर्ड ने जशनदीप सिंह को डिपोर्ट करने का आदेश दिया है। उस पर आरोप है कि उसने सरे में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर हुई 'ड्राइव-बाय शूटिंग' में इस्तेमाल हथियार को छिपाने में मदद की थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि ये मामला भारतीय हस्तियों से जबरन वसूली और धमकाने की साजिश से जुड़ा है। हालांकि सिंह पर अभी औपचारिक आपराधिक केस नहीं चला है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उसकी मौजूदगी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है। सिंह 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा आया था और उसने सभी आरोपों से इनकार किया है।
ऑपरेशन हार्डबॉल' का दायरा बढ़ा
ये कार्रवाई अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और भारत की एजेंसियों की साझा खुफिया जानकारी पर आधारित 'ऑपरेशन हार्डबॉल' का हिस्सा है। इसका मकसद पश्चिम में सक्रिय भारतीय संगठित गिरोहों के फाइनेंशियल नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों को तोड़ना है।
सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन के बाद भारत में भी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हाल ही में गैंग के सदस्य अर्शदीप सिंह को भी डिपोर्ट किया गया था।
इसी बीच ब्रैम्पटन के गुरअमृत सिद्धू को अमेरिका में 20 साल की सजा सुनाई गई है। उसे अमेरिका से कनाडा में हर महीने करोड़ों की मेथ और कोकीन तस्करी करने का मास्टरमाइंड पाया गया।
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