दुनिया के टॉप 10 में बिहार म्यूजियम का जलवा - एशिया में नंबर 1, आनंद महिंद्रा बोले - भारत में म्यूजियम का अनुभव बदल देगा, CM सम्राट चौधरी ने दिया न्योता
पटना के बिहार म्यूजियम को वर्ल्ड के बेस्ट म्यूजियम में 9वां और एशिया में पहला स्थान मिला, महिंद्रा ग्रुप चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा भारत में म्यूजियम देखने का अनुभव बदलने की क्षमता रखता है ये दूरदर्शी सोच और प्रशासनिक दृढ़ संकल्प का उदाहरण है, नीतीश कुमार ने परिकल्पना की थी 2013 में शुरू 2017 में जनता के लिए खुला, 8 गैलरियां सिंधु से पाल काल तक दीदारगंज यक्षी मुख्य आकर्षण, CM सम्राट चौधरी ने आभार जताकर बिहार आने और IT उद्योग कृषि पर्यटन पर संवाद का न्योता दिया।
पटना। अब बिहार सिर्फ इतिहास नहीं पढ़ाता, इतिहास दिखाता भी है - वो भी वर्ल्ड क्लास अंदाज में। पटना के बिहार म्यूजियम ने एशिया में टॉप और दुनिया में टॉप 10 में जगह बनाकर सबको चौंका दिया है।
क्या है बड़ी उपलब्धि?
ताजा इंटरनेशनल रैंकिंग में बिहार म्यूजियम को दुनिया के बेस्ट म्यूजियम में 9वां स्थान और एशिया में पहला स्थान मिला है। इसी पर देश के बड़े उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट कर तारीफों के पुल बांधे।
आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने लिखा -
"बिहार म्यूजियम में भारत में म्यूजियम एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदलने की ताकत है। इसके पीछे की कहानी और भी खास है। पूर्व CM नीतीश कुमार ने इसकी परिकल्पना की, बिहार सरकार और समर्पित अफसरों ने इसे साकार किया। ये विजन, प्रशासन और वर्ल्ड-क्लास क्रिएटिविटी का बेस्ट उदाहरण है।"
उन्होंने आगे कहा - "भारत की जनता लंबे समय से विदेशों जैसे म्यूजियम अनुभव की हकदार थी, बिहार म्यूजियम ने वो दिया है। इसमें योगदान देने वाले हर व्यक्ति को सलाम। काश! ये भारत में म्यूजियम के नए दौर की शुरुआत बने।"
CM सम्राट चौधरी का जवाब - आइए बिहार
आनंद महिंद्रा की तारीफ पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत आभार जताया और बड़ा न्योता दे दिया।
उन्होंने रिपोस्ट कर लिखा - "आनंद महिंद्रा जी, बिहार की जनता की ओर से हार्दिक आभार। बिहार की गौरवशाली विरासत हमारी पहचान और उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प है। आपको बिहार म्यूजियम भ्रमण और IT पर संवाद के लिए आमंत्रित करता हूं। आइए, उद्योग, कृषि, तकनीक और पर्यटन में साझेदारी से निवेश, रोजगार और युवाओं के लिए नए अवसर बनाएं।"
बिहार म्यूजियम में ऐसा क्या है खास?
शुरुआत 2013 में, 2017 में पूरा - 5 साल में बनकर तैयार, जनता के लिए सभी गैलरियां खुलीं।
8 बड़ी गैलरियां - एक ही छत के नीचे 5000 साल का इतिहास।
क्या-क्या मिलेगा? - सिंधु घाटी सभ्यता, मौर्य वंश, शुंग, कुषाण, गुप्त काल, पाल काल के अवशेष, बौद्ध-जैन धर्म की दुर्लभ कलाकृतियां।
स्टार अट्रैक्शन - मौर्यकालीन विश्व प्रसिद्ध दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा, जिसे देखने विदेशी भी आते हैं।
कुल मिलाकर बिहार म्यूजियम अब सिर्फ म्यूजियम नहीं, बिहार का ग्लोबल शोकेस बन गया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)