कौन हैं पटना के नए MLC डॉक्टर संजीव सिंह? 30 साल से BJP के 'गढ़' पर राज करने वाले नवल किशोर यादव को कैसे हराया, एक बयान ने पलटा पूरा खेल

पटना शिक्षक MLC सीट पर RJD समर्थित डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ने बड़ा उलटफेर किया, समर्थकों में डॉक्टर साहब के नाम से मशहूर, BJP के कद्दावर नेता नवल किशोर यादव का 30 साल पुराना गढ़ तबाह किया, बांकीपुर उपचुनाव से सीखकर सवर्ण शिक्षक भूमिहार ब्राह्मण राजपूत ब्राह्मण वोट में सेंध लगाई, नवल के एक बयान को बनाया हथियार, पटना नालंदा नवादा में दिल खोलकर मिले वोट, खगड़िया परबत्ता के रहने वाले मशहूर चिकित्सक और 5 बार विधायक रहे आर एन सिंह उर्फ रामानंद प्रसाद सिंह के बेटे, खुद MBBS PGDHM सेठ GS मेडिकल कॉलेज मुंबई से पढ़े पटना में बड़ी पैथोलॉजी लैब, 2020 में परबत्ता से JDU विधायक बने 2024 में नीतीश के NDA में जाने पर विश्वासमत के दिन नवादा में हाउस अरेस्ट हुए बागी होकर RJD में गए, 2025 में RJD टिकट पर सजातीय बाबूलाल शौर्य LJP से हारे, जाति से भूमिहार ब्राह्मण, कभी नीतीश कुमार के खास थे।

Oct 28, 2026 - 15:52
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 कौन हैं पटना के नए MLC डॉक्टर संजीव सिंह? 30 साल से BJP के 'गढ़' पर राज करने वाले नवल किशोर यादव को कैसे हराया, एक बयान ने पलटा पूरा खेल

पटना। पटना शिक्षक MLC सीट पर 'डॉक्टर साहब' ने वो कर दिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। RJD समर्थित डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बीजेपी के कद्दावर नेता नवल किशोर यादव का 30 साल पुराना 'अजेय गढ़' ढहा दिया।

एक बयान ने पलटा पूरा चुनाव - बांकीपुर फॉर्मूला

डॉ. संजीव ने सिर्फ RJD का वोट नहीं लिया, उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव से सीखा चैप्टर बीजेपी के कोर वोट बैंक में ही सेंध लगा दी।

खासतौर पर सवर्ण शिक्षक - भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत वोटर, जो हमेशा से BJP के कट्टर समर्थक माने जाते थे। सूत्रों के मुताबिक नवल किशोर यादव ने सवर्ण वोटरों पर एक बयान दिया था, डॉ. संजीव ने उसी को हथियार बना लिया। नतीजा - पटना, नालंदा, नवादा में सवर्ण वोटरों ने दिल खोलकर वोट दिया, जो आज तक कभी RJD के पाले में नहीं गया था।

कौन हैं डॉ. संजीव कुमार सिंह?

सिर्फ डॉक्टर नहीं, विरासत वाले नेता हैं।

निवासी: खगड़िया जिला, परबत्ता
पिता: मशहूर चिकित्सक और राजनेता डॉ. आर एन सिंह उर्फ रामानंद प्रसाद सिंह - परबत्ता से 5 बार JDU विधायक, नीतीश कुमार के बेहद करीबी।
पढ़ाई: MBBS और PGDHM - मुंबई के प्रतिष्ठित सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज से
पेशा: पटना में इनकी बड़ी पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी लैब है, काफी मशहूर है
जाति: भूमिहार ब्राह्मण

नीतीश के खास से बागी तक का सफर

डॉ. संजीव पहले सदन में नए नहीं हैं। 2020 में परबत्ता से JDU के टिकट पर विधायक बने। नीतीश कुमार उन पर आंख बंद करके भरोसा करते थे।

फिर आया ट्विस्ट - फरवरी 2024 में जब नीतीश महागठबंधन छोड़ NDA में वापस आए और विश्वासमत साबित करना था, तो संजीव ने बगावत कर दी। आरोप है कि विश्वासमत वाले दिन उन्हें नवादा में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद वो पूरी तरह बागी होकर RJD में चले गए।

हालांकि किस्मत ने साथ नहीं दिया, 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD टिकट पर अपने ही सजातीय बाबूलाल शौर्य (LJP रामविलास) से हार गए।

राजनीतिक एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

 "डॉ. संजीव अपने इलाके के जानेमाने नेता हैं। पिता 5 बार के विधायक रहे, उसी बड़े अनुभव का फायदा MLC में मिला।" - डॉ. संजय कुमार, पॉलिटिकल एक्सपर्ट

अब वही अनुभव और डॉक्टर वाली इमेज ने उन्हें 30 साल के गढ़ का विनाशक बना दिया, ठीक वैसे ही जैसे अब अनंत सिंह JDU से अलग हुए हैं।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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