पटना स्नातक MLC बना JDU में पावर गेम का अखाड़ा - ललन सिंह vs संजय झा की रस्साकसी एक्सपोज, बलि का बकरा बने अनंत सिंह, विधायकी और मंत्री पद दोनों पर खतरा
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर JDU में गुटबाजी एक्सपोज, ललन सिंह और संजय झा के बीच अपरोक्ष युद्ध से पार्टी ओवर एक्सपोज, तात्कालिक नुकसान अनंत सिंह को विधायकी पर खतरा पत्नी नीलम देवी से राज्य मंत्री दर्जा छिना, अनंत के विरोध पर JDU ने चुप्पी साधी तमाशा बनाया, संजय झा ने जिम्मा ललन सिंह को दिया कि मामला उनके संसदीय क्षेत्र का है सुलझाएं, चर्चा संजय झा चाल में खुद फंसे नीरज अनंत ललन को उलझाना चाहते थे पर खुद बेपर्दा हो गए, ललन सिंह ने भी चाल चली कहा 2025 विधानसभा में अनंत के आरोप सही थे उमेश कुशवाहा से गलती हुई, वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क बोले JDU में पावर गेम शुरू अंजाम टूट के रूप में आएगा केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद पता चलेगा।
पटना। पटना स्नातक सीट का चुनाव खत्म, पर JDU के अंदर का युद्ध अब शुरू हुआ है। ललन सिंह vs संजय झा की लड़ाई में पार्टी बुरी तरह एक्सपोज हो गई, और बलि का बकरा बने मोकामा के बाहुबली अनंत सिंह।
अनंत सिंह को बनाया मोहरा
जब अनंत सिंह ने खुलकर JDU उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया, तो पार्टी को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था। पर JDU ने तमाशा बनने दिया।
मीडिया के लिए ये TRP था, पर पार्टी के अनुशासन पर सवाल उठे। लगता था शीर्ष नेतृत्व के कुछ नेता इसी आंच में अपना स्वार्थ सेंक रहे थे। अनंत जितने उग्र होते गए, पार्टी उतनी चुप्पी साधती गई।
जब पानी सिर से ऊपर गया, तो कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने गेंद ललन सिंह के पाले में फेंक दी - बोले मामला आपके संसदीय क्षेत्र मुंगेर का है, आप सुलझाओ।
संजय झा अपनी ही चाल में फंसे
गलियारे में चर्चा - संजय झा इस फैसले से खुद एक्सपोज हो गए।
सवाल उठा - संजय झा पूरे देश के लिए कार्यकारी अध्यक्ष हैं, तो मुंगेर का जिम्मा ललन सिंह को क्यों?
आरोप लगा कि संजय ने जानबूझकर ललन को फंसाया ताकि नीरज, अनंत और ललन आपस में उलझते रहें, और तीनों की टकराहट गूंजती रहे। पर पासा उल्टा पड़ा, संजय खुद बेपर्दा हो गए।
ललन सिंह ने भी चल दी चाल
ललन सिंह ने मौका नहीं छोड़ा। मीडिया में बयान दिया - 2025 विधानसभा में अनंत सिंह के आरोप सही पाए गए थे, ये उसी क्रिया की प्रतिक्रिया है। 2025 में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से गलती हुई।
इस बयान से उन्होंने पार्टी संगठन को ही दोषी ठहरा दिया। नीतीश का जो अनुशासन वाला कमांड था, वो बेपर्दा हो गया, और साथ में संजय झा भी।
वरिष्ठ पत्रकार बोले - JDU में टूट तय
वरिष्ठ पत्रकार विश्लेषण -
"ललन सिंह और संजय झा में मतभेद खुलकर नहीं आए, पर MLC चुनाव में संकेत मिल गए। अनंत-नीरज झगड़ा सुलझाने में संजय झा की सलाह ललन ने नहीं मानी, उल्टा क्रिया-प्रतिक्रिया कह कर तनातनी को हवा दे दी। ये संजय को नागवार लगा होगा। ललन भूल गए कि नीतीश ने ही नीरज को अधिकृत उम्मीदवार बनाया था। साफ है - JDU में पावर गेम शुरू हो चुका है, अंजाम टूट के रूप में आएगा। कितना वक्त लगेगा, ये केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के बाद पता चलेगा।"
नुकसान किसे?
हारा-जीता तो अतीत की बात, पर तात्कालिक नुकसान अनंत सिंह को - विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है, पत्नी नीलम देवी से राज्य मंत्री का दर्जा भी छिन गया।
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