अनंत सिंह vs नीरज कुमार की दुश्मनी 11 साल पुरानी - 2015 में मोकामा में निर्दलीय 'डीजल पंप' ने महागठबंधन के उम्मीदवार को 17 हजार वोट से हराया था
मोकामा सीट पर अनंत सिंह और JDU नेता नीरज कुमार की खींचतान 11 साल पुरानी, 2015 में JDU-RJD-कांग्रेस महागठबंधन के उम्मीदवार नीरज कुमार को निर्दलीय अनंत सिंह ने 54,005 वोट पाकर 36,557 वोट पर रोका 17,448 वोट से हराया, चुनाव चिन्ह डीजल पंप था, NDA से सूरजभान के भाई कन्हैया सिंह बंगला चिन्ह पर तीसरे, ललन सिंह जन अधिकार पार्टी से हॉकी बॉल चिन्ह पर लड़े, मतदान 56.94%।
मोकामा। बिहार की राजनीति में मोकामा का इतिहास अलग है। यहां 'छोटे सरकार' अनंत सिंह का दबदबा लंबे समय तक रहा। अनंत सिंह और JDU नेता नीरज कुमार के बीच टकराव आज का नहीं, 11 साल पुराना है, जिसकी बड़ी तस्वीर 2015 में दिखी थी।
2015 में क्या था समीकरण?
2015 में समीकरण आज से अलग थे। नीतीश की JDU और लालू की RJD एक साथ महागठबंधन में थीं, कांग्रेस भी साथ। मोकामा से JDU ने नीरज कुमार को महागठबंधन प्रत्याशी बनाया।
दूसरी तरफ NDA से कन्हैया कुमार सिंह - बाहुबली सूरजभान सिंह के भाई, LJP टिकट पर, चुनाव चिन्ह 'बंगला'।
और तीसरे ललन सिंह - पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी से, चिन्ह 'हॉकी और बॉल'।
अनंत सिंह अकेले - चिन्ह डीजल पंप
अनंत सिंह ने किसी गठबंधन का सहारा नहीं लिया, निर्दलीय उतरे, चिन्ह 'डीजल पंप'।
नतीजा - अनंत की बड़ी जीत
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक -
- अनंत सिंह: 54,005 वोट, 37.35%
- नीरज कुमार: 36,557 वोट, 24.66%
- अंतर: 17,448 वोट
- कन्हैया सिंह: 15,472 वोट, 10.70%, तीसरे स्थान पर
- ललन सिंह: 16,565 वोट, 11.52%
कुल मतदाता 2,53,912, पड़े वोट 1,44,587, मतदान 56.94%।
क्यों अहम है 2015?
महागठबंधन की ताकत और NDA उम्मीदवार के बावजूद अनंत अकेले जीत गए। यहीं से अनंत-नीरज की सीधी टक्कर की नींव मजबूत हुई।
आज जब दोनों फिर आमने-सामने हैं, 2015 की कहानी समझना जरूरी है। मोकामा में आज भी उस चुनाव के असर की चर्चा होती है।
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