8.7 करोड़ युवा न पढ़ाई में न नौकरी में, नीति आयोग की रिपोर्ट पर प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला
नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा- देश में 15 से 29 साल के 8.7 करोड़ युवा NEET कैटेगरी में, न पढ़ाई, न नौकरी, न ट्रेनिंग। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा- 40 साल में बेरोजगारी सबसे ज्यादा, युवा निराश और हताश, छात्र आंदोलन में दिख रहा है। 12 साल में नौकरी नहीं बनी, मैन्युफैक्चरिंग और MSME को नजरअंदाज किया, छोटे व्यवसाय और कृषि कमजोर हुए। नीति आयोग ने सस्ती ट्रेनिंग, स्वरोजगार और लोकल स्किलिंग बढ़ाने की सलाह दी।
नई दिल्ली: नीति आयोग की रोजगार पर रिपोर्ट ने देश के युवाओं की बड़ी तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 साल के करीब 8.7 करोड़ युवा ऐसे हैं जो न पढ़ाई कर रहे हैं, न नौकरी और न ही किसी ट्रेनिंग में हैं। इसे NEET (Not in Education, Employment or Training) कैटेगरी कहा गया।
आयोग ने इसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा – इन युवाओं के लिए सस्ती या सब्सिडी वाली ट्रेनिंग, स्वरोजगार के मौके और लोकल जरूरत के हिसाब से स्किल प्रोग्राम बढ़ाने होंगे। कम आय वाले परिवार पहले ही कॉलेज फीस और ट्यूशन से दबे हैं, ऊपर से स्किल ट्रेनिंग का खर्च उनके लिए मुश्किल है।
प्रियंका गांधी का हमला
इस रिपोर्ट पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा – हम पहले से जानते हैं, पिछले 40 साल में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। युवाओं में बेचैनी, निराशा, हताशा है, जो छात्र विरोध-प्रदर्शनों में दिख रही है। ये नाकाम शिक्षा व्यवस्था और पिछले 12 साल में नौकरी पैदा न होने का नतीजा है। मैन्युफैक्चरिंग और MSME पर जोर नहीं दिया गया। ऐसी नीतियां हैं जो छोटे व्यवसायों, नौकरी देने वालों और कृषि को कमजोर कर रही हैं। ये मुद्दा हम लंबे समय से उठा रहे हैं।
नीति आयोग ने क्या बांटा?
रिपोर्ट में कार्यबल को 5 कैटेगरी में बांटा गया – स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, औपचारिक-अनौपचारिक शिक्षा, NEET युवा और महिलाएं। आयोग ने कहा – NEET युवा और महिलाओं के लिए किफायती ट्रेनिंग और वित्तीय सहायता जरूरी है, ताकि वो आर्थिक जिम्मेदारियों के साथ स्किल ले सकें।
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