PMCH में डॉक्टरों का भारी टोटा, 589 में से 203 फैकल्टी पद खाली, मेडिसिन में 40 में से सिर्फ 9 डॉक्टर...
पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में 589 फैकल्टी पदों में से 203 खाली, सिर्फ 386 कार्यरत। मेडिसिन विभाग में 40 में से 9, सर्जरी में 5 प्रोफेसर में से 2, बर्न वार्ड 60 बेड पर 1 एसोसिएट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट के 229 में से 110 पद रिक्त। रोज 3000+ मरीजों के इलाज और MBBS-PG की पढ़ाई प्रभावित, 250 PG सीटों की मान्यता पर खतरा।
पटना: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) में डॉक्टरों का भारी संकट है। स्वीकृत 589 फैकल्टी पदों में से 203 पद खाली पड़े हैं, सिर्फ 386 डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
सबसे बुरी स्थिति मेडिसिन विभाग की है – 40 पदों में से मात्र 9 शिक्षक मौजूद हैं। सर्जरी विभाग में 5 प्रोफेसर की जरूरत है, लेकिन 2 ही तैनात हैं। 60 बेड वाले बर्न वार्ड की जिम्मेदारी अकेले एक एसोसिएट प्रोफेसर संभाल रहे हैं। सीनियर रेजिडेंट / ट्यूटर के 229 में से 110 पद रिक्त हैं।
इस कमी का सीधा असर इलाज और पढ़ाई दोनों पर पड़ रहा है। रोजाना 3000 से ज्यादा मरीज PMCH आते हैं, लेकिन वरिष्ठ डॉक्टर न होने से लंबी कतारें और देरी हो रही है। जूनियर डॉक्टरों पर लोड बढ़ गया है।
वहीं MBBS और PG छात्रों की क्लिनिकल ट्रेनिंग प्रभावित हो रही है। NMC मानकों के मुताबिक फैकल्टी पूरी न होने से 250 PG सीटों की मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है। यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं तो अस्पताल की रैंकिंग और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर सवाल उठेंगे।
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