1799 दारोगा भर्ती में बड़ा बवाल: मेंस परीक्षा रद्द होते ही पटना में सड़कों पर उतरे 10 हजार अभ्यर्थी, पुलिस का लाठीचार्ज मेंस परीक्षा रद्द होते ही पटना में सड़कों पर उतरे 10 हजार अभ्यर्थी, पुलिस का लाठीचार्ज

बिहार में 1799 दारोगा भर्ती में मेंस परीक्षा रद्द होने से हड़कंप। करीब 10 हजार अभ्यर्थी पास हो चुके थे, 4 महीने से फिजिकल की तैयारी कर रहे थे। अब परीक्षा रद्द। 7 दिन से गर्दनीबाग में धरना दे रहे अभ्यर्थी सोमवार को गांधी मैदान से JP गोलंबर तक मार्च निकाला, बैरिकेड तोड़ा तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अभ्यर्थियों का सवाल - गलती किसी की, सजा हमें क्यों?

Oct 05, 2026 - 18:37
0 1
1799 दारोगा भर्ती में बड़ा बवाल: मेंस परीक्षा रद्द होते ही पटना में सड़कों पर उतरे 10 हजार अभ्यर्थी, पुलिस का लाठीचार्ज मेंस परीक्षा रद्द होते ही पटना में सड़कों पर उतरे 10 हजार अभ्यर्थी, पुलिस का लाठीचार्ज

पटना। बिहार में 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती एक बार फिर विवादों में है। मेंस परीक्षा रद्द होने के फैसले ने 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका दिया है। इसके विरोध में सोमवार को पटना में हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए और पुलिस से झड़प हो गई।

क्या है पूरा विवाद?

अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रीलिम्स पास करके मेंस परीक्षा दी थी और करीब 10 हजार का रिजल्ट भी जारी हो चुका था। पिछले 4 महीने से वो फिजिकल परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। तभी बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने कुछ शिकायतों के आधार पर पूरी मेंस परीक्षा ही रद्द कर दी।

अभ्यर्थी 7 दिन से गर्दनीबाग में धरने पर थे। सोमवार सुबह 11:30 बजे हजारों छात्र गांधी मैदान से जेपी गोलंबर की ओर मार्च करने लगे। उनका प्लान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने का था।

बैरिकेड टूटा, लाठीचार्ज

जेपी गोलंबर पर पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। अभ्यर्थी बीच सड़क पर बैठ गए और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। हालात देखते हुए जेपी गोलंबर से डाकबंगला तक भारी पुलिस बल और लोहे के बैरिकेड लगा दिए गए हैं। जाम से स्कूली बसें भी फंस गईं।

अभ्यर्थियों की 3 बड़ी मांगें

1.  मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लो
2.  फिजिकल परीक्षा की डेट जारी करो
3.  अगर किसी सेंटर पर गड़बड़ी हुई है तो उसी की जांच करो, सबको सजा क्यों?

अभ्यर्थियों ने चुनाव का उदाहरण दिया - "एक-दो बूथ पर गड़बड़ी से पूरा चुनाव रद्द नहीं होता, तो हमारी पूरी परीक्षा क्यों रद्द?"

उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों की उम्र अब निकल रही है और घर से पैसा मिलना भी बंद हो रहा है। परिवार को लगा था नौकरी लग गई, अब फिर से तैयारी करनी पड़ेगी।

प्रशासन ने अभ्यर्थियों से प्रतिनिधिमंडल बनाकर सरकार से मिलने की अपील की है, लेकिन छात्र आर-पार के मूड में हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User