मंत्रियों को मिलेंगी 37 लाख तक की नई गाड़ियां, RJD बोला- खाली खजाने में ऐश
बिहार में मंत्रियों के लिए 37 लाख तक की सरकारी गाड़ी खरीद को मंजूरी। RJD ने सवाल उठाया- जब वेतन-पेंशन पर संकट तो ऐश पर खर्च क्यों? BJP बोली- महंगाई और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला।
पटना: बिहार सरकार द्वारा मंत्रियों के लिए नई सरकारी वाहनों की खरीद को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। सरकार ने प्रत्येक मंत्री के वाहन पर 37 लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी है।
खजाना खाली, ऐश जारी
राष्ट्रीय जनता दल ने इस फैसले को लेकर नीतीश सरकार को घेरा है। RJD ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि जब राज्य में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को लेकर आर्थिक तंगी की बात हो रही है, तब मंत्रियों के लिए महंगी गाड़ियों पर करोड़ों खर्च करना गलत है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सिर्फ मंत्री ही नहीं, अन्य बड़े अधिकारियों के वाहन बजट में भी इजाफा किया गया है। RJD के मुताबिक ये सरकार की गलत प्राथमिकताओं को दिखाता है।
सुरक्षा और महंगाई वजह
विपक्ष के आरोपों पर बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ये फैसला बढ़ती महंगाई, सुरक्षा मानकों और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
संजय सरावगी ने साफ किया कि सरकार ने किसी विशेष कंपनी या ब्रांड को तय नहीं किया है। साथ ही पर्यावरण अनुकूल वाहनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
सियासी घमासान तेज
अब ये मुद्दा बिहार की सियासत में नया टकराव बन गया है। एक तरफ RJD इसे "जनता के पैसे की बर्बादी" बता रहा है, तो दूसरी तरफ BJP इसे "प्रशासनिक आवश्यकता" करार दे रही है।
वेतन-पेंशन की चर्चा के बीच मंत्रियों की गाड़ियों पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने के फैसले ने बिहार में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।
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