बिहार के मॉडल स्कूलों में बड़ा बदलाव: 'एक अधिकारी-एक स्कूल' लागू, हर 3 महीने PTM और JEE-NEET की तैयारी पर फोकस

सीएम सम्राट चौधरी ने मॉडल स्कूल 'सरस्वती विद्या निकेतन' के लिए नई योजना घोषित की। अब हर स्कूल की जिम्मेदारी एक सरकारी अधिकारी के पास। हर तिमाही PTM, पूर्व छात्रों से संवाद, 24x7 डिजिटल लर्निंग और JEE-NEET की कोचिंग पर जोर। लक्ष्य: सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाना।

Aug 20, 2026 - 21:54
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बिहार के मॉडल स्कूलों में बड़ा बदलाव: 'एक अधिकारी-एक स्कूल' लागू, हर 3 महीने PTM और JEE-NEET की तैयारी पर फोकस

पटना: सरकारी स्कूलों की पढ़ाई बेहतर करने के लिए बिहार सरकार ने नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को 'संकल्प सभागार' में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर मॉडल स्कूलों के लिए कई अहम निर्देश दिए।

एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल योजना  
CM ने 'एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल' व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया। इसके तहत राज्य के सभी 'सरस्वती विद्या निकेतन' की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारियों को दी जाएगी। अधिकारी स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और सुविधाओं की नियमित निगरानी करेंगे। सरकार का मकसद बेहतर प्रबंधन और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

हर 3 महीने होगी PTM  
बैठक में तय हुआ कि मॉडल स्कूलों में हर तीन महीने पर अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी। इसमें बच्चों के प्रदर्शन, पढ़ाई और स्कूल की समस्याओं पर चर्चा होगी। इससे अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

पूर्व छात्रों और डिजिटल लर्निंग पर जोर  
1.  Alumni Connect: पूर्व विद्यार्थियों से संवाद बढ़ाकर उनके अनुभव का फायदा मौजूदा छात्रों को मिलेगा। करियर और उच्च शिक्षा में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
2.  JEE-NEET तैयारी: मॉडल स्कूलों के छात्रों को JEE और NEET की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन दिए जाएंगे।
3.  24x7 ई-लर्निंग: बिहार बोर्ड के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से सभी छात्रों को जोड़ने का निर्देश। स्कूल के साथ-साथ घर से भी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हो सकेगी।

सरकार का लक्ष्य  
अधिकारियों की निगरानी, नियमित PTM, पूर्व छात्रों की भागीदारी और डिजिटल शिक्षा के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों का स्तर उठाना चाहती है। साथ ही छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना भी एजेंडे में है।

 सम्राट सरकार की ये पहल मॉडल स्कूलों को केंद्र में रखकर पूरे सरकारी शिक्षा तंत्र को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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