बिहार में UCC पर घमासान - लागू हुआ तो क्या होगा? मुस्लिम पक्ष खिलाफ, एक्सपर्ट बोले सवर्ण नाराज तो बीजेपी लाई मुद्दा

बिहार में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सियासत तेज है, JDU BJP के सपोर्ट में नहीं है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट संतोष कुमार बोले BJP Gen-Z और UGC मुद्दे से कोर सवर्ण वोटर टूटने से नुकसान झेल रही है, बांकीपुर उपचुनाव में गुस्सा दिखा, इसलिए UCC ला रही है। नीतीश कुमार पहले से विरोध में हैं, मंगलवार को उनके आवास पर बैठक में तय हुआ अमित शाह से बात होगी, विजय चौधरी बोले नीतीश लागू नहीं होने देंगे। एक्सपर्ट ने कहा अब नीतीश बेटे निशांत के लिए राजनीति कर रहे हैं, इस मुद्दे पर पाला बदल सकते हैं, RJD के साथ गए तो मुस्लिम वोट गोलबंद होगा और निशांत को फायदा मिलेगा। शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष इरशाद अली आजाद बोले कानून में क्या है पब्लिक डोमेन में आए बिना कहना मुश्किल, लेकिन संस्कृति-कल्चर कानून से खत्म नहीं हो सकता।

Sep 16, 2026 - 21:37
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बिहार में UCC पर घमासान - लागू हुआ तो क्या होगा? मुस्लिम पक्ष खिलाफ, एक्सपर्ट बोले सवर्ण नाराज तो बीजेपी लाई मुद्दा

बिहार में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC पर सियासत गरमा गई है। नीतीश कुमार की JDU इस मुद्दे पर BJP के साथ नहीं है। सवाल है बिहार में UCC लागू हुआ तो क्या होगा और मुस्लिम पक्ष क्या सोच रहा है?

एक्सपर्ट क्या बोले?
पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने कहा BJP देश में UCC लाने के मूड में है। Gen-Z और UGC मुद्दों पर उसे नुकसान हुआ है, कोर सवर्ण वोटर टूट रहा है। दूसरे राज्यों के उपचुनाव हों या पटना के बांकीपुर उपचुनाव, सवर्णों का गुस्सा दिखा है।

नीतीश कुमार शुरू से कहते रहे हैं बिहार में UCC लागू नहीं होने देंगे। मंगलवार को नीतीश आवास पर JDU दिग्गजों की बैठक हुई, तय हुआ अमित शाह से बात होगी। विजय चौधरी ने साफ कहा हमारे नेता पहले से इसके खिलाफ हैं।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट बोले अब ये नीतीश की राजनीति नहीं, बेटे के लिए राजनीति है, लेकिन बेटे में वो पहचान नहीं दिख रही। ऐसे में इस मुद्दे पर पाला बदलना असंभव नहीं। RJD ऑफर पर बोले अभी जो हलचल है कुछ भी हो सकता है। अगर नीतीश BJP से अलग होकर RJD के साथ सरकार बनाते हैं तो मुस्लिम वोट गोलबंद रहेगा और निशांत कुमार को आगे फायदा मिलेगा। BJP भी नीतीश को नाराज नहीं कर सकती।

मुस्लिम पक्ष का क्या कहना?
मुस्लिम समाज इस कानून के पक्ष में नहीं है। शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने कहा अभी ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं, कानून में क्या है जब तक पब्लिक डोमेन में नहीं आएगा कुछ कहना मुश्किल है। सरकार कानून बनाती है लेकिन हमारी संस्कृति, सभ्यता, कल्चर पूर्वजों से चला आ रहा है, उसे किसी कानून से दूर नहीं कर सकते।

JDU सोमवार को श्याम रजक के बयान के बाद से खुलकर विरोध में है। अब सबकी नजर अमित शाह और संजय झा की बातचीत पर है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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