भूषण झा के जाते ही जन सुराज ने बदला दांव, तिरहुत शिक्षक सीट पर कारगिल शहीद के भाई श्याम नंदन यादव को उतारा

जन सुराज पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपने उम्मीदवार को 24 घंटे के अंदर बदल दिया। भूषण झा के निर्दलीय होने के बाद अब कारगिल शहीद के भाई श्याम नंदन यादव को टिकट दिया गया है। पार्टी ने कहा भूषण झा ने सिर्फ बी.कॉम किया है, शिक्षकों पर विवादित बात कही थी।

Sep 26, 2026 - 20:04
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भूषण झा के जाते ही जन सुराज ने बदला दांव, तिरहुत शिक्षक सीट पर कारगिल शहीद के भाई श्याम नंदन यादव को उतारा

पटना/मुजफ्फरपुर। जन सुराज पार्टी ने शनिवार को बड़ा बदलाव करते हुए तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपने उम्मीदवार को बदल दिया। भूषण कुमार झा के पार्टी छोड़कर निर्दलीय लड़ने के ऐलान के बाद अब जन सुराज ने श्याम नंदन यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

कौन हैं नए उम्मीदवार श्याम नंदन यादव?

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने बताया कि मुजफ्फरपुर के रहने वाले श्याम नंदन यादव शुक्रवार को ही पार्टी में शामिल हुए हैं।

उनकी पृष्ठभूमि सैनिक परिवार की है। उनके छोटे भाई प्रमोद यादव 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे, जिन्हें सेना मेडल मिला था। श्याम नंदन खुद भारतीय सेना में 15 साल सेवा दे चुके हैं और पिछले 25 साल से सामाजिक काम में सक्रिय हैं।

वे शिक्षकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वे Association of Teachers Training Colleges, Bihar के प्रदेश सचिव हैं और पिछले 15 साल से ITI के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं। वे शहीद प्रमोद D.Ed. कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज भी चलाते हैं।

भूषण झा पर जन सुराज का पलटवार

भूषण झा ने आरोप लगाया था कि उन्हें अपनी मन की बात नहीं कहने दी गई। इस पर जन सुराज के वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी और कुमार सौरभ ने पलटवार किया।

कुमार सौरभ ने कहा, "भूषण जी ने सिर्फ बी.कॉम किया है, पोस्ट ग्रेजुएट भी नहीं हैं, फिर भी खुद को शिक्षक बताते हैं। मुजफ्फरपुर की बैठक में उन्होंने शिक्षकों को लेकर ऐसी विवादित बात कही, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। कोई भी व्यक्ति शिक्षकों के बारे में अस्वीकार्य टिप्पणी करेगा तो वो बर्दाश्त नहीं होगा। इसलिए उम्मीदवार बदलना पड़ा।"

श्याम नंदन यादव ने टिकट मिलने पर कहा, "मैं प्रशांत किशोर और पार्टी का आभारी हूं। हम चार भाई, तीन सेना में रहे, एक कारगिल में शहीद हुआ। मैं उस परिवार से आता हूं और शिक्षकों की लड़ाई लडूंगा।"

बता दें, बिहार विधान परिषद की 8 सीटों - 4 स्नातक और 4 शिक्षक कोटे की सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। इनका कार्यकाल 16 नवंबर को खत्म हो रहा है और जन सुराज सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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