JDU बैठक में नंबर-2 को लेकर बवाल - ललन सिंह को नजरअंदाज करने पर भड़के समर्थक विधायक, नचिकेता मंडल ने संजय झा के नेतृत्व को दी चुनौती, मीना कामत ने खोला मोर्चा
पटना में JDU की बैठक के अंदर नंबर-2 को लेकर बड़ा बवाल, पूर्व CM नीतीश के बाद पार्टी में नंबर दो कौन इस पर घमासान, विधायकों के प्रशिक्षण के लिए बुलाई बैठक का रुख मुड़ गया। ललन सिंह के घोर समर्थक जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने सवाल उठाया कि ललन सिंह शीर्ष नेता हैं उन्हें क्यों नजरअंदाज किया जा रहा, कहीं न कहीं संजय झा के नेतृत्व को चुनौती दी। सूत्रों के मुताबिक रुन्नीसैदपुर विधायक पंकज मिश्रा, शालिनी मिश्रा, रामानंद मंडल, मंजीत सिंह, मीना कामत सहित कई ललन समर्थक विधायकों ने गैरमौजूदगी पर सवाल किया, ललन बैठक में नहीं थे। विधायकों ने संजय झा पर ही सवाल उठाना शुरू किया तो प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने हस्तक्षेप कर कहा बाद में चर्चा कर लेंगे पहले बैठक होने दें लेकिन समर्थक संतुष्ट नहीं हुए। बाबूबरही विधायक मीना कामत को ललन का बेहद करीबी बताया जाता है उन्होंने संजय झा के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोला, ललन समर्थकों के सोशल मीडिया पर संजय झा की तस्वीर नहीं, सिर्फ नीतीश, ललन और खुद की फोटो, सवाल है क्या आगे ललन सिंह Vs संजय झा की लड़ाई शुरू होगी।
पटना - JDU कार्यालय में विधायकों के प्रशिक्षण के लिए बुलाई गई बैठक में नंबर-2 की पोजीशन को लेकर बड़ा हंगामा हो गया।
सूत्रों के मुताबिक पूर्व CM नीतीश कुमार के बाद पार्टी में नंबर दो कौन है, इसी को लेकर अंदरूनी खींचतान बैठक में खुलकर सामने आ गई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह नहीं दिखे, इसी को मुद्दा बनाकर उनके समर्थक विधायकों ने सवालों की झड़ी लगा दी और पूरी बैठक का रुख ही मोड़ दिया।
नचिकेता मंडल ने उठाया पहला सवाल
शुरुआत जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल ने की, जो ललन सिंह के घोर समर्थक माने जाते हैं और लगातार उनके संपर्क में हैं। उन्होंने पूछा - "ललन सिंह JDU के शीर्ष नेता हैं, उन्हें क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है?" इस सवाल के जरिए उन्होंने कहीं न कहीं कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व को चुनौती दी।
उसके बाद रुन्नीसैदपुर विधायक पंकज मिश्रा, जो ललन के करीबी हैं, फिर शालिनी मिश्रा, रामानंद मंडल, मंजीत सिंह ने भी ललन की अनुपस्थिति पर सवाल खड़ा किया।
मीना कामत ने संजय झा के खिलाफ खोला मोर्चा
बाबूबरही विधायक मीना कामत को ललन का बेहद करीबी बताया जाता है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने तो संजय झा के खिलाफ खुलेआम मोर्चा ही खोल दिया।
बताया जा रहा है कि ललन समर्थक विधायकों के सोशल मीडिया पेज पर संजय झा की एक भी तस्वीर नहीं है, सिर्फ नीतीश कुमार, ललन सिंह और खुद की तस्वीर दिखती है।
प्रदेश अध्यक्ष को करना पड़ा हस्तक्षेप
जब सवालों से पार्टी असहज होने लगी तो प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मामला संभाला और कहा - "इस मुद्दे पर बाद में चर्चा कर लेंगे, पहले बैठक को सही से चलने दें।" लेकिन ललन समर्थक संतुष्ट नहीं हुए और संजय झा गुट के विरोध में अपनी बात रखते रहे।
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