पेपर ही नहीं बनेगा तो लीक क्या होगा? Nandan Nilekani का NEET लीक रोकने का नया फॉर्मूला - पेपर बनाओ ही मत
13 अक्टूबर 2026 को Bloomberg New Economy Forum में Infosys के Nandan Nilekani ने पेपर लीक पर बड़ा बयान दिया - "जब आप एक पेपर बनाते हैं, तो वह बिकने के लिए तैयार हो जाता है।" जुलाई 2026 में NEET-UG लीक के बाद PM मोदी ने Nilekani की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय High-Powered Task Force बनाई। 28 अक्टूबर को पहली रिपोर्ट आएगी। Nilekani का सुझाव - पहले से पेपर मत बनाओ, लाखों सवालों का Digital Question Bank बनाओ, परीक्षा के दिन AI से Random पेपर जनरेट करो। 1.5 लाख CBT सेंटर हैं, प्रिंटिंग-ट्रांसपोर्ट चेन ही खत्म कर दो। लेकिन चुनौती - गांवों में इंटरनेट, साइबर हैकिंग, क्वालिटी बैंक बनाना। 2024 में K Radhakrishnan कमेटी की 101 सिफारिशों में से 27 अब तक लागू नहीं, 2 साल तक NTA का फुल-टाइम DG भी नहीं। सवाल - नई सिफारिशें लागू होंगी?
नई दिल्ली। पेपर लीक रोकने के लिए अब तक ताले, CCTV, पुलिस लगाई गई, लेकिन Infosys के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी ने जड़ पर ही चोट की है।
13 अक्टूबर को Bloomberg Forum में नीलेकणी बोले, "जिस पल आपके पास एक पेपर होता है, वह बिकने के लिए एक आर्थिक प्रोत्साहन बन जाता है। पेपर लीक रोकने का सबसे बड़ा उपाय यही है कि पेपर ही न बनाया जाए।"
नीलेकणी कमेटी है क्या?
जुलाई 2026 में NEET-UG लीक के बाद PM मोदी ने नीलेकणी की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय High-Powered Task Force बनाई। काम है NTA की परीक्षा, सुरक्षा, डिजाइन और गवर्नेंस सुधारना। 13 सितंबर तक छात्रों-शिक्षकों से सुझाव लिए, पहली रिपोर्ट 28 अक्टूबर को आएगी।
नया फॉर्मूला क्या है?
1. पहले से पेपर प्रिंट मत करो। लाखों सवालों का बड़ा Digital Question Bank बनाओ।
2. परीक्षा के दिन AI/कंप्यूटर से Bank से Random पेपर तैयार करो।
3. जब पेपर कुछ घंटे पहले ही बनेगा तो बेचने के लिए पेपर होगा ही नहीं।
4. पेन-पेपर छोड़कर CBT पर शिफ्ट हो जाओ। देश में 1.5 लाख CBT सेंटर हैं। प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन की चेन ही खत्म।
AI तुरंत पेपर बना सकता है? सवाल पर नीलेकणी ने सीधे "हां" कहा।
व्यवहारिक है या नहीं?
तकनीकी रूप से मुमकिन: बड़ा प्रश्न बैंक, AI जनरेशन, 1.5 लाख सेंटर का नेटवर्क - निवेश ही लॉन्ग टर्म बचाव है।
जमीनी चुनौती:
गांवों में इंटरनेट और कंप्यूटर साक्षरता
पेपर डिजिटल हुआ तो हैकिंग, सर्वर लीक का नया खतरा
लाखों प्रश्नों की क्वालिटी और कठिनाई एक जैसी रखना बड़ा टास्क
पुरानी 101 सिफारिशों का क्या हुआ?
यही सबसे बड़ा पेंच है। 2024 लीक के बाद ISRO चीफ K. Radhakrishnan कमेटी ने 101 सिफारिशें दी थीं - 60 शॉर्ट टर्म, 30 मीडियम, 6 सरकार से जुड़ी।
कांग्रेस के जयराम रमेश के मुताबिक 27 सिफारिशें अब तक लागू ही नहीं हुईं। 2 साल तक NTA का फुल-टाइम डायरेक्टर जनरल तक नियुक्त नहीं हुआ।
तो सवाल है जब पुरानी 101 जमीन पर नहीं उतरी तो नई सिफारिशें कैसे उतरेंगी?
नीलेकणी का "पेपर ही मत बनाओ" आइडिया जड़ से इलाज है, लेकिन सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं होगा। 3 चीजें जरूरी - Question Bank और CBT में बड़ा निवेश, NTA में स्थायी स्टाफ और फुल-टाइम DG जैसा मजबूत ढांचा, और राजनीतिक इच्छाशक्ति। जैसा सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा - "पूरी व्यवस्था में स्थायित्व सबसे अहम है।"
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