पटना स्नातक MLC में नीरज vs अनंत की जंग बनी JDU की सबसे बड़ी टेंशन, 3 बार सुलह की कोशिश फेल, कहानी संजय झा vs ललन सिंह की जंग तक पहुंची
बिहार में 8 MLC सीटों पर 11 दिन बाद वोटिंग है, पर सबसे हॉट सीट बनी है पटना स्नातक, जहां JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार और पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह आमने-सामने हैं। अनंत सिंह ने JDU उम्मीदवार नीरज को हराने और जनसुराज के अनुज सिंह को जिताने का ऐलान कर दिया। इसे सुलझाने के लिए 3 बार कोशिश हुई - पार्ट-1 में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और निशांत कुमार से मुलाकात, पार्ट-2 में संजय झा की पहल पर ललन सिंह ने मध्यस्थता की, पार्ट-3 में CM सम्राट चौधरी ने NDA की बैठक में चेतावनी दी। तीनों बार नतीजा ढाक के तीन पात। अनंत अड़े हैं - अनुज सिंह ही जीतेंगे। अंदर की चर्चा है ये नीरज-अनंत की लड़ाई नहीं, JDU में नीतीश के बाद कौन, उसको लेकर संजय झा vs ललन सिंह की बड़ी जंग का छोटा कैनवास है।
पटना। बिहार में 8 MLC सीटों पर वोटिंग में अभी 11 दिन बाकी हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा एक ही सीट की हो रही है - पटना स्नातक। यहां JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार और JDU के ही विधायक अनंत सिंह की सीधी टक्कर हो गई है।
कहानी शुरू हुई अनंत सिंह के ऐलान से, जब उन्होंने कहा कि वो JDU के नीरज कुमार को हराएंगे और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का प्रचार करेंगे।
इसके बाद सुलह के 3 चैप्टर चले, तीनों फेल।
सुलहनामा पार्ट-1: प्रदेश कार्यालय में
सबसे पहले अनंत सिंह को JDU कार्यालय बुलाया गया। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात हुई, चर्चा है कि निशांत कुमार से भी मिले। बाहर आकर अनंत ने वही राग अलापा - "नीरज कुमार ने जानते हुए कि मैं पार्टी उम्मीदवार हूं, मोकामा में मेरा विरोध किया था, तब पार्टी ने कार्रवाई क्यों नहीं की?"
सुलहनामा पार्ट-2: संजय झा vs ललन सिंह
दूसरी कोशिश JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की पहल पर हुई। बागडोर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई। लेकिन ललन सिंह ने तो उल्टा नीरज कुमार को ही दोषी मान लिया। कह दिया - "2025 विधानसभा में नीरज ने मोकामा में अनंत का विरोध किया था, उस समय प्रदेश JDU से चूक हुई थी।"
मामला वहीं का वहीं रह गया।
सुलहनामा पार्ट-3: CM सम्राट चौधरी के दरबार में
तीसरी बैठक CM सम्राट चौधरी ने NDA के सभी माननीयों को बुलाकर की। चेतावनी दी - "जो भी NDA उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करेगा, उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।"
बैठक के बाद अनंत सिंह ने साफ कह दिया - "मैं जनसुराज के अनुज सिंह के साथ हूं, वही जीतेंगे। सम्राट चौधरी ने मुझसे इस पर कोई खास बात नहीं की।"
लाइलाज क्यों है ये प्रकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है ये सिर्फ नीरज vs अनंत की लड़ाई नहीं है। ये JDU के भीतर संजय झा बनाम ललन सिंह की बड़ी जंग का छोटा ट्रेलर है।
दोनों नेता नीतीश कुमार के बाद पार्टी पर अपना आधिपत्य चाहते हैं और इसी बहाने शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा जा रहा है नीतीश कुमार के अस्वस्थ होने का फायदा उठाकर दोनों गुट जोर आजमाइश कर रहे हैं, इसलिए जहां इलाज होना चाहिए, वहां इलाज नहीं हो रहा।
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