दो नाव की सवारी कर रहे हैं चिराग पासवान? सोनीपत में CJP को बताया युवा शक्ति, पटना आते ही पलटे - "असामाजिक तत्वों को चिन्हित करो"

चिराग पासवान के दो बयान चर्चा में। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर सोनीपत में बोले - "भारत के युवा हैं ये, इन्हें कोई नहीं रोक सकता, दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता रखते हैं।" पटना आते ही सुर बदले - "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जायज है, मेरे पिता भी JP आंदोलन से निकले, लेकिन आड़ में असामाजिक तत्व अराजकता फैलाते हैं तो उन्हें चिन्हित करना जरूरी है।" राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं चिराग 'दो नाव की सवारी' वाली रणनीति पर हैं - युवाओं को नाराज नहीं करना और अभिजीत दिपके जैसे चेहरों पर निशाना भी साधना है। PM मोदी के 'हेल्लो फ्रेंड्स' वाले स्टैंड के बाद चिराग का यूथ कार्ड।

Oct 12, 2026 - 18:22
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दो नाव की सवारी कर रहे हैं चिराग पासवान? सोनीपत में CJP को बताया युवा शक्ति, पटना आते ही पलटे - "असामाजिक तत्वों को चिन्हित करो"

पटना। सोचने वाले सोच रहे हैं कि चिराग पासवान इन दिनों उस उल्टी कहावत पर चल रहे हैं - "सदा सवारी दो नाव की कीजिए, एक डूबे तो दूजे पर चढ़िए।" वजह है दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर उनके दो अलग-अलग बयान।

सोनीपत में क्या कहा था?
NIFTEM के 7वें दीक्षांत समारोह में चिराग पासवान ने युवाओं का खुलकर समर्थन किया था:
 "भारत के युवा हैं ये, इनको कोई नहीं रोक सकता प्रभु। जो लोग ऐसे भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, कितनी ट्रेनें कोई रोक लेगा, कितनी कनेक्टिविटी कोई रोक लेगा। कितनी सड़कों को कोई जाम कर देगा। भारत के युवा हैं, दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता रखते हैं। पीढ़ियों ने ये किया है, ऐसे में कोई उन्हें नहीं रोक सकता।"

पटना आते ही पलट गए?
पटना पहुंचते ही चिराग का बयान बदल गया। उन्होंने कहा:
 "ये भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतंत्र में शांतिपूर्वक प्रदर्शन की अनुमति हमेशा रही है। हमलोगों ने ऐसे आंदोलन को जायज माना है। मेरे पिता रामविलास पासवान भी JP आंदोलन से ही निकले। लेकिन किसी प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व अपनी राह तलाशते हैं, हिंसा बढ़ाने, अराजकता फैलाने की सोच के साथ आते हैं तो ऐसे चेहरों को चिन्हित किया जाना चाहिए।"

रणनीति क्या है?
राजनीतिक पंडितों का मानना है चिराग को पता है युवा वोट कितना ताकतवर है। जिनके वो हनुमान कहे जाते हैं, PM मोदी खुद युवाओं के पक्ष में खड़े होकर 'हेल्लो फ्रेंड्स' कह चुके हैं।

इसलिए चिराग की गोटी है - युवाओं की बुराई मत करो, लेकिन युवाओं का चेहरा बने लोगों (जैसे CJP के अभिजीत दिपके) को टारगेट करो।

एक तरफ युवा शक्ति को सलाम, दूसरी तरफ असामाजिक तत्वों को चिन्हित करने की बात। रणनीति तो बढ़िया है, लेकिन 2029 लोकसभा तक इसका नतीजा क्या होगा, देखना बाकी है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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