बेलगावी में RSS की 3 दिन की बैठक खत्म: राम मंदिर दानपेटी विवाद पर संघ ने मांगी पारदर्शी जांच...
बेलगावी में RSS की तीन दिवसीय बैठक में राम मंदिर दानपेटी विवाद प्रमुख मुद्दा रहा। संघ ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की। साथ ही संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष, जनगणना और नशा मुक्ति पर भी चर्चा हुई। बैठक में मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले मौजूद रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में पूरी हुई। यह बैठक 3 दिन तक चली। इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत देशभर के 226 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष, जनगणना और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। लेकिन सबसे ज्यादा जोर अयोध्या स्थित राम मंदिर की दानपेटी में हुई कथित गड़बड़ी पर रहा।
दानपेटी प्रकरण पर संघ ने जताई नाराजगी
बैठक के बाद जारी बयान में संघ ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर में दानपेटी की गिनती के दौरान हुई अनियमितता से सभी को दुख हुआ है। इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं माना जा सकता क्योंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।
संघ ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो। SIT और पुलिस जांच को लेकर भरोसा जताते हुए कहा गया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गलती न दोहराई जाए।
RSS ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी कहा कि दान और चढ़ावे की व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित किया जाए।
अन्य अहम मुद्दे
बैठक में बताया गया कि मार्च 2026 के बाद देश में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग लगे। इनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में शाखा संचालन, ग्राम विकास, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे।
सितंबर से शाखा विस्तार को तेज करने, शताब्दी वर्ष के बचे कार्यक्रमों, जनगणना, जनसंख्या असंतुलन, नशा मुक्ति और संत रविदास की 650वीं जयंती को लेकर भी रणनीति बनी। संघ ने नशे के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए अभियान को प्राथमिकता से चलाने पर बल दिया।
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