सारण MLC चुनाव में पति की आरती उतारना पत्नी को पड़ा महंगा - RJD प्रत्याशी प्रो. जयराम यादव के स्वागत में JDU प्रदेश सचिव संगीता यादव ने उतारी आरती, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र MLC चुनाव में अजीब सियासी मामला, पति की आरती उतारने पर पत्नी को JDU से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। राजद ने शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव को प्रत्याशी घोषित किया है, उनकी पत्नी संगीता यादव JDU की प्रदेश सचिव और सिवान जिला परिषद अध्यक्ष हैं। सिवान आवास पर पति के राजद प्रत्याशी बनने पर स्वागत में आरती उतारी तो JDU ने 18 सितंबर को प्रदेश महासचिव शंभु कुशवाहा के हस्ताक्षर से पार्टी विरोधी गतिविधि बताते हुए निष्कासन पत्र जारी किया। राजद ने 11 सितंबर को जयराम यादव को अधिकृत किया था, वे पहले भी लड़ चुके हैं। जदयू ने दिवंगत शिक्षक नेता केदारनाथ पांडेय के पुत्र ई. आनंद पुष्कर को उतारा है, 2023 उपचुनाव में आनंद हारे थे और जन सुराज समर्थित निर्दलीय आफाक अहमद जीते थे। इस बार विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री और भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक रमेंद्र राय के निर्दलीय आने से समीकरण बिगड़ा है, वे भाजपा से टिकट चाहते थे, सीट जदयू खाते में जाने पर निर्दलीय मैदान में हैं, अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ, नामांकन बाद गणित साफ होगा।
छपरा / सिवान - बिहार में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव से पहले एक अनोखा मामला सामने आया है। एक पत्नी को अपने पति की आरती उतारने की सजा मिल गई।
दरअसल राजद ने शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव को सारण शिक्षक सीट से प्रत्याशी बनाया है। वहीं उनकी पत्नी संगीता यादव जदयू की प्रदेश सचिव और सिवान जिला परिषद की अध्यक्ष हैं।
11 सितंबर को राजद से टिकट मिलने के बाद जब जयराम यादव का सिवान आवास पर स्वागत हुआ तो पत्नी संगीता ने उनकी आरती उतारी।
इसको JDU ने पार्टी विरोधी गतिविधि मान लिया और 18 सितंबर को प्रदेश मुख्यालय से 6 साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। निष्कासन पत्र पर प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी शंभु कुशवाहा के हस्ताक्षर हैं।
सारण शिक्षक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
इस सीट पर जदयू ने दिवंगत शिक्षक नेता केदारनाथ पांडेय के पुत्र ई. आनंद पुष्कर को मैदान में उतारा है। केदारनाथ पांडेय के निधन के बाद 2023 के उपचुनाव में जदयू ने आनंद को ही लड़ाया था, लेकिन जन सुराज समर्थित निर्दलीय आफाक अहमद ने जीत दर्ज की थी।
अब प्रो. जयराम यादव (राजद) vs आनंद पुष्कर (जदयू) के बीच मुख्य लड़ाई है, लेकिन विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री और भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक रमेंद्र राय के निर्दलीय उतरने से पुराने सारे समीकरण फेल हो गए हैं।
रमेंद्र राय भाजपा से टिकट चाहते थे, सीट जदयू के खाते में चली गई तो वे निर्दलीय ही मैदान में आ गए हैं। फिलहाल चुनाव का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, नामांकन के बाद असली तस्वीर सामने आएगी।
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