JDU से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह के पास क्या हैं विकल्प? बेटों के सियासी भविष्य के लिए 3 रास्ते, निर्दलीय से लेकर नई पार्टी तक दांव

JDU से 6 साल के निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने नई पार्टी का ऐलान किया था लेकिन नई पार्टी बनाकर स्थापित करना आसान नहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज का हाल देखा, अनंत सिंह के सामने बेटों अभिषेक-अंकित-अभिनव के भविष्य के लिए तीन विकल्प - खुद की पार्टी, RJD या जन सुराज में जाना, या निर्दलीय लड़ाना, 2015 में RJD-JDU गठबंधन के बावजूद निर्दलीय जीते थे मोकामा।

Oct 27, 2026 - 11:01
0 1
 JDU से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह के पास क्या हैं विकल्प? बेटों के सियासी भविष्य के लिए 3 रास्ते, निर्दलीय से लेकर नई पार्टी तक दांव

पटना। JDU से निकाले जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। लेकिन बिहार में नई पार्टी बनाना और उसे खड़ा करना आसान नहीं। अनंत सिंह खुद दम पर चुनाव जीत जाते हैं पर संगठन बनाने का अनुभव नहीं। ऐसे में सवाल है - बेटों के भविष्य के लिए कौन सा रास्ता अपनाएंगे?

फिलहाल 3 विकल्प दिख रहे हैं।

1. अपनी नई पार्टी बनाकर खुद के दम पर राजनीति

पहला रास्ता खुद की पार्टी। अनंत के लिए विकल्प खुला है पर नई पार्टी को आधार देना बड़ी चुनौती। बिहार में नई पार्टी की पहचान आसान नहीं। प्रशांत किशोर ने 2025 से पहले पदयात्रा की, जन सुराज बनाई, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाए।

अनंत का प्रभाव पटना, लखीसराय, नवादा, बेगूसराय, जहानाबाद तक है पर वो प्रशांत किशोर जैसा संगठन खड़ा करने वाले नेता नहीं हैं। इसलिए ये रास्ता सबसे कठिन।

2. बेटों को RJD या जन सुराज में भेजना

दूसरा रास्ता किसी स्थापित दल का सहारा। इसमें RJD और जन सुराज विकल्प हो सकते हैं। पत्नी नीलम देवी RJD से विधायक रही हैं। वहीं जन सुराज पढ़े-लिखे साफ छवि वालों को मौका दे रही है। अनंत के बेटे अभिषेक और अंकित जुड़वां, दोनों पढ़े-लिखे हैं, अभिनव सबसे छोटे हैं। ऐसे में बेटों को किसी दल में एंट्री मिल सकती है।

3. बेटों को निर्दलीय मैदान में उतारना

तीसरा और सबसे मजबूत विकल्प - निर्दलीय। अनंत का भूमिहार वोटर में गहरा दबदबा है। 2015 में जब नीतीश-लालू एक साथ थे तब भी अनंत ने निर्दलीय मोकामा जीत लिया था।

सियासी जानकार त्रिलोकीनाथ दुबे कहते हैं - अनंत खुद चुनाव न लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में अगर जुड़वां बेटों में से किसी एक को मोकामा से निर्दलीय उतार दें तो हराना मुश्किल होगा।

अब देखना है अनंत सिंह बेटों के लिए कौन सा दांव चलते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User