पिपरपांती गांव में कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने वितरित की हजारों राहत सामग्री

बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने आरा जिले के पिपरपांती गांव में राहत अभियान चलाया, बाढ़ प्रभावित परिवारों में हजारों राहत सामग्री बांटी गई। ट्रस्टी निदर्शना गोवानी ने कहा बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, हजारों परिवारों की रोजमर्रा की बड़ी चुनौती है, पानी से जनजीवन, आवागमन, आजीविका पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा ऐसे समय में सिर्फ सामग्री नहीं, पीड़ितों की वास्तविक जरूरत समझना जरूरी है, समाज, संस्थाओं और लोगों को संवेदनशीलता और एकजुटता के साथ आगे आना चाहिए। ट्रस्ट ने कहा राहत की निरंतर जरूरत है, संकट में साथ खड़ा होना साझा जिम्मेदारी है और भविष्य में भी सहायता जारी रहेगी।

Sep 19, 2026 - 17:58
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 पिपरपांती गांव में कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने वितरित की हजारों राहत सामग्री
 पिपरपांती गांव में कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने वितरित की हजारों राहत सामग्री
 पिपरपांती गांव में कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने वितरित की हजारों राहत सामग्री
 पिपरपांती गांव में कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट ने वितरित की हजारों राहत सामग्री

आरा- बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के उद्देश्य से कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट द्वारा आरा जिले के पिपरपांती गांव में राहत अभियान चलाया गया। इस दौरान बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच हजारों राहत सामग्री का वितरण कर उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।


राहत वितरण अभियान के माध्यम से ट्रस्ट ने उन परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया, जो बाढ़ के कारण अपने दैनिक जीवन में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन, आवागमन, आजीविका और रोजमर्रा की आवश्यकताओं पर व्यापक असर पड़ा है।


इस अवसर पर कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट की ट्रस्टी निदर्शना गोवानी ने कहा कि बिहार आज एक बार फिर बाढ़ की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है। चारों ओर फैला पानी, प्रभावित गांव और शहर, कठिन परिस्थितियों से गुजरते परिवार तथा सामान्य जीवन पर पड़ा गहरा असर केवल एक प्राकृतिक आपदा की तस्वीर नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के सामने खड़ी रोजमर्रा की बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में केवल राहत सामग्री पहुंचाना ही नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों और उनकी वास्तविक जरूरतों को समझना भी जरूरी है। समाज के सक्षम लोगों, सामाजिक संस्थाओं और जनसामान्य को आगे आकर जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सहयोग और संवेदनशीलता के साथ खड़ा होना चाहिए।


निदर्शना गोवानी ने कहा, “आज बिहार के कई परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जरूरत है कि हम केवल इन तस्वीरों को देखें नहीं, बल्कि इनके पीछे छिपी परेशानियों को भी समझें। जरूरत है संवेदनशीलता की, जरूरत है एकजुटता की और जरूरत है कि हर उस व्यक्ति तक सहयोग पहुंचे, जिसे इस कठिन समय में हमारी आवश्यकता है।”
ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राहत एवं सहयोग की निरंतर आवश्यकता रहती है। प्रभावित परिवारों के प्रति मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग के माध्यम से संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा होना समाज की साझा जिम्मेदारी है।


कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट भविष्य में भी जरूरतमंद एवं आपदा प्रभावित परिवारों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए अपने सेवा प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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