8 सीटों का MLC चुनाव और NDA की नींद उड़ी, अनंत सिंह की बगावत से लेकर रालोमो में फूट तक, सम्राट हाउस में लगातार मंथन

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होनी है, लेकिन NDA में हड़कंप है। 200+ विधायक होने के बावजूद बगावत और प्रशांत किशोर के फैक्टर ने नींद उड़ा दी है। जदयू में अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जनसुराज के अनुज कुमार को समर्थन दे दिया, वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के 3 विधायकों ने सारण में अपना कैंडिडेट खड़ा कर दिया। CM सम्राट चौधरी ने 4 दिन में 2 बड़ी बैठकें कीं, बागियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन जातीय समीकरण के कारण एक्शन नहीं हो पा रहा।

Oct 10, 2026 - 17:32
0 3
 8 सीटों का MLC चुनाव और NDA की नींद उड़ी, अनंत सिंह की बगावत से लेकर रालोमो में फूट तक, सम्राट हाउस में लगातार मंथन

बिहार में 8 MLC सीटों का चुनाव छोटा दिखता है, पर इसका असर बहुत बड़ा है।

ये चुनाव तय करेगा:
निशांत कुमार विरासत संभालने को तैयार हैं या नहीं
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी बचेगी या बिखरेगी
 CM सम्राट चौधरी का रिपोर्ट कार्ड
प्रशांत किशोर फ्लूक हैं या फैक्टर
RJD-Congress गठबंधन रहेगा या टूटेगा

NDA क्यों डरा हुआ है?

सत्ता में होने के कारण सबसे ज्यादा टेंशन NDA में है।

अनंत सिंह फैक्टर: जदयू MLA अनंत सिंह और MLC नीरज कुमार की लड़ाई ने पूरे चुनाव को हाईजैक कर लिया है। 7 सितंबर को जदयू ने सुलह कराने की कोशिश की, फेल हो गई। अब पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह खुलेआम कह रहे हैं- "मैं नीरज का नहीं, जनसुराज के अनुज का समर्थन करूंगा।" CM हाउस की बैठक में आकर भी वही स्टैंड रखा।

लगातार बैठकों का दौर: 7 अक्टूबर को सम्राट चौधरी के आवास पर NDA की पहली बैठक- एकजुटता का ऐलान। 9 अक्टूबर को दूसरी बैठक- सभी MLA, MLC, MP बुलाए गए। कहा गया- जो अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करेगा, उस पर कठोर कार्रवाई होगी। लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदला।

रालोमो में भी खेल: सिर्फ जदयू नहीं, रालोमो में भी बगावत है। माधव आनंद, रामेश्वर महतो, आलोक सिंह- तीनों विधायकों ने सारण शिक्षक सीट पर NDA कैंडिडेट के खिलाफ निर्दलीय उतार दिया।

कार्रवाई क्यों नहीं? जाति का एंगल

सूत्र बताते हैं कि अनंत सिंह पर एक्शन इसलिए नहीं हो रहा क्योंकि वो भूमिहार-ब्राह्मण वोट बैंक के बड़े नेता हैं। अगर चुनाव से ठीक पहले कार्रवाई हुई तो सारे स्वजातीय वोट एकजुट होकर जनसुराज के खाते में जा सकते हैं।

इसी उहापोह का फायदा प्रशांत किशोर को मिल रहा है। अगर वो 8 में से 1-2 सीट भी जीत गए तो बिहार की राजनीति में NDA के लिए नई मुसीबत खड़ी हो जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User