बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर NDA में बगावत का भूचाल, 4 दिन में 2 बैठकें फिर भी खौफ, अनंत सिंह-रालोमो ने बढ़ाई टेंशन

बिहार की 8 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को चुनाव है, लेकिन 200+ विधायकों वाला NDA डरा हुआ है। प्रशांत किशोर की चुनौती और अंदरूनी बगावत से NDA 4 दिन में 2 बैठकें कर चुका है। जदयू में अनंत सिंह vs नीरज कुमार की लड़ाई राष्ट्रीय चर्चा में है, अनंत सिंह ने CM हाउस की बैठक के बाद भी जनसुराज के अनुज कुमार को समर्थन का ऐलान किया। उधर उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के 3 विधायकों माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह ने सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय उतार दिया। जातीय समीकरण के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही।

Oct 10, 2026 - 17:36
0 2
बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर NDA में बगावत का भूचाल, 4 दिन में 2 बैठकें फिर भी खौफ, अनंत सिंह-रालोमो ने बढ़ाई टेंशन

पटना। बिहार में MLC की सिर्फ 8 सीटों का चुनाव है, लेकिन इससे पूरी बिहार की राजनीति का भविष्य तय होगा। इस चुनाव से पता चलेगा कि निशांत कुमार पिता नीतीश की विरासत संभालने को तैयार हैं या नहीं, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी बचेगी या टूटेगी, CM सम्राट चौधरी की लोकप्रियता कितनी है, और प्रशांत किशोर तुक्का हैं या स्थायी फैक्टर।

लेकिन सत्तारूढ़ NDA इस वक्त सबसे ज्यादा खौफ में है।

NDA में फाइटिंग स्पिरिट गायब

विधायकों की डबल सेंचुरी होने के बावजूद NDA में वो फाइटिंग इंस्टिंक्ट नहीं दिख रही जो 2025 में थी। जदयू और रालोमो में फूट से आत्मविश्वास डगमगा गया है।

7 सितंबर: अनंत सिंह और MLC नीरज कुमार के झगड़े को सुलझाने के लिए जदयू की बैठक फेल हो गई। अनंत सिंह की बगावत का असर सिर्फ पटना स्नातक पर होना था, लेकिन अब 8 सीटों पर दबाव है।

4 दिन में 2 बैठकें फिर भी डर

7 अक्टूबर: CM सम्राट चौधरी के आवास पर NDA टॉप नेताओं की बैठक- तय हुआ सभी 8 सीटों पर एकजुट लड़ेंगे।

9 अक्टूबर: नामांकन बंद होने के बाद CM आवास पर सभी विधायक, MLC, सांसदों की विशेष बैठक। टास्क दिया- अपने क्षेत्र में 8 उम्मीदवारों को जिताओ, गठबंधन विरोधी पर कठोर कार्रवाई होगी।

लेकिन असर जीरो। बैठक में पहुंचे अनंत सिंह ने बाहर निकलते ही कहा- "मैं पटना स्नातक पर JDU के नीरज कुमार का नहीं, जनसुराज के अनुज कुमार का समर्थन करूंगा।"

रालोमो में भी बगावत

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में भी खेला हो गया। रालोमो के तीन विधायकों- माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह ने सारण शिक्षक सीट पर अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय खड़ा कर दिया।

जाति के कवच से नहीं हो रही कार्रवाई

हर नेता जातीय आधार पर मजबूत है। अनंत सिंह भले कानून की नजर में कैसे हों, भूमिहार-ब्राह्मण समाज में प्रभावशाली हैं। JDU को डर है कि अनंत पर एक्शन लिया तो सारे भूमिहार वोट नीरज कुमार से हटकर अनुज कुमार के पास चले जाएंगे। इसलिए कार्रवाई टल रही है।

प्रशांत किशोर को फायदा?

जानकारों का कहना है कि JDU के इसी असमंजस से जनसुराज मजबूत हो रहा है। अगर प्रशांत किशोर इस MLC चुनाव में 1-2 सीट भी निकाल ले गए तो बिहार में उनकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी, जो सीधे NDA के लिए खतरे की घंटी होगी।

अब देखना है 23 अक्टूबर से पहले NDA डैमेज कंट्रोल कर पाता है या नहीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User