ऊपर से दोस्ती, अंदर से खाली - बिहार MLC चुनाव में राजद-कांग्रेस की 'फीट-फाट' वाली दोस्ती, 4 सीटों पर एक-दूसरे को हराएंगे!
बिहार में MLC की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को चुनाव है, लेकिन महागठबंधन पहले ही बिखर गया है। 30 सितंबर को तेजस्वी राहुल के साथ दिल्ली में मीटिंग कर रहे थे, अगले ही दिन कांग्रेस ने 4 सीटों पर RJD के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए। पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक पर दोनों दल आमने-सामने हैं।
पटना। बिहार में कांग्रेस-राजद की दोस्ती पर वही कहावत फिट बैठती है - ऊपर से फीट-फाट, नीचे मोकामा घाट। मतलब दिखावे की चमक-दमक, अंदर से खोखला।
30 सितंबर को तेजस्वी यादव दिल्ली में राहुल गांधी के साथ INDIA गठबंधन मजबूत करने की बैठक कर रहे थे। और 1 अक्टूबर को पटना में कांग्रेस ने राजद के खिलाफ ही 4 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। दिल्ली में हाथ मिलाते हैं, पटना में जड़ खोदते हैं।
कौन सी हैं वो 4 सीटें जहां होगी दोस्ताना जंग?
बिहार में 8 MLC सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग है। 2 अक्टूबर तक की स्थिति में 4 सीटों पर महागठबंधन आपस में लड़ रहा है:
1. पटना शिक्षक: कांग्रेस के संजय यादव Vs राजद के संजीव कुमार सिंह। मजे की बात - राजद ने भूमिहार उम्मीदवार दिया, कांग्रेस ने यादव।
2. पटना स्नातक: कांग्रेस के असदुल्ला खान Vs राजद के दिलीप कुमार
3. कोसी स्नातक: कांग्रेस के मनोज जायसवाल Vs राजद के नितेश कुमार
4. दरभंगा स्नातक: कांग्रेस के रजनीकांत पाठक Vs राजद के अनिल कुमार झा
कांग्रेस क्यों नाराज है?
कांग्रेस का आरोप है कि राजद ने बिना पूछे 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। तो कांग्रेस ने भी बदला ले लिया। 2025 विधानसभा में भी दोनों 5 सीटों पर आपस में लड़े थे और दोनों हारे थे। अब फिर वही कहानी।
राजद पटना में खुद को सबसे बड़ा विपक्षी मानता है और कांग्रेस को उसकी वजह से मिली हैसियत समझता है। दिल्ली में उसे कांग्रेस की राष्ट्रीय छतरी चाहिए।
और इस लड़ाई का सीधा फायदा किसे? प्रशांत किशोर की जन सुराज को। दोनों की झूठी दोस्ती से उबी जनता जन सुराज की तरफ देख रही है। अगर जन सुराज 8 में से 2-3 सीट भी जीत गई, तो विधान परिषद में विपक्ष का पूरा नजारा बदल जाएगा।
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