चुनाव नहीं, फिर भी नीतीश, तेजस्वी, प्रशांत किशोर निकले जनता के बीच, अक्टूबर से शुरू होंगी यात्राएं

बिहार में चुनाव दूर, लेकिन सियासी माहौल गर्म। CM नीतीश कुमार 2 अक्टूबर से राज्यव्यापी यात्रा, प्रशांत किशोर सितंबर में जन-संवाद, तेजस्वी यादव 'अधिकार यात्रा' की तैयारी में। तीनों बड़े नेता जिलों में जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे।

Aug 19, 2026 - 17:45
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चुनाव नहीं, फिर भी नीतीश, तेजस्वी, प्रशांत किशोर निकले जनता के बीच, अक्टूबर से शुरू होंगी यात्राएं

पटना: बिहार में अभी न लोकसभा है, न विधानसभा। लेकिन सियासी सरगर्मी चुनाव जैसी है। सूबे के तीन बड़े चेहरे अब जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं। वजह साफ है - संगठन मजबूत करना और 2026 के पंचायत-MLC चुनाव की जमीन तैयार करना।

1. नीतीश कुमार: 2 अक्टूबर से 'जनता दर्शन यात्रा'  
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अक्टूबर 2026 में एक बार फिर राज्यव्यापी दौरे पर निकलेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर, गांधी जयंती को चंपारण से हो सकती है। 

कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा यात्रा की रूपरेखा बना रहे हैं। योजना है कि नीतीश 38 जिलों में जाकर आम लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। CM पद छोड़ने के बाद ये उनकी पहली बड़ी यात्रा होगी।

2. प्रशांत किशोर: सितंबर में 'जन सुराज संवाद'  
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी सितंबर 2026 में बिहार भर की यात्रा पर निकलेंगे। बांकीपुर उपचुनाव की जीत के बाद PK का फोकस अब जमीनी संगठन पर है। इस यात्रा का मकसद गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करना और आगामी पंचायत व MLC चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है।

3. तेजस्वी यादव: 'अधिकार यात्रा' की तैयारी  
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लोकभवन मार्च के बाद अब 'अधिकार यात्रा' की प्लानिंग कर रहे हैं। 19 अगस्त को पटना में मार्च के बाद यात्रा का रोडमैप फाइनल होगा। 

RJD का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य युवाओं की समस्याएं समझना, संगठन का विस्तार और जमीनी हकीकत को जानना है। इसकी जिम्मेदारी मंगनी लाल मंडल को सौंपी गई है।

बिना चुनाव के चुनावी माहौल  
दिलचस्प बात ये है कि तीनों नेताओं को अभी चुनाव नहीं लड़ना है, लेकिन सभी अचानक जनता की सुध लेने निकल पड़े हैं। राजनीतिक जानकार इसे 2026 के स्थानीय चुनाव और 2027 की बड़ी लड़ाई की तैयारी मान रहे हैं।

बिहार में सियासत अभी से गरमा गई है। नीतीश, तेजस्वी और प्रशांत किशोर - तीनों अलग-अलग बैनर तले, लेकिन एक ही मकसद से जनता के बीच। आने वाले महीनों में बिहार की सड़कों पर सियासी रैलियों और जनसभाओं की भरमार देखने को मिलेगी।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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