कनाडा ने 6 महीने में ही 3323 भारतीयों को भेजा वापस, अमेरिका से 3 गुना ज्यादा - बना सकता है नया रिकॉर्ड

2026 के पहले 6 महीनों में कनाडा ने 3323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया। ये आंकड़ा अमेरिका के 7 महीने के आंकड़े 1273 से 3 गुना ज्यादा है। CBSA डेटा के मुताबिक 2025 के पूरे साल के आंकड़े का 88% सिर्फ 6 महीने में पार। कनाडा में इमिग्रेशन नियम सख्त।

Aug 10, 2026 - 19:51
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कनाडा ने 6 महीने में ही 3323 भारतीयों को भेजा वापस, अमेरिका से 3 गुना ज्यादा - बना सकता है नया रिकॉर्ड

टोरंटो: कनाडा ने 2026 में इमिग्रेशन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। CBSA के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी से जून तक 3323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है।

अमेरिका से 3 गुना ज्यादा  
ये संख्या चौंकाने वाली है क्योंकि अमेरिका ने 1 जनवरी से 22 जुलाई 2026 तक सिर्फ 1273 भारतीयों को वापस भेजा। यानी कनाडा ने करीब 7 महीने में अमेरिका के 7 महीने के आंकड़े से लगभग 3 गुना ज्यादा डिपोर्टेशन कर दिए।  
2025 में अमेरिका ने कुल 3567 भारतीयों को डिपोर्ट किया था, जो 2011 के बाद सबसे ज्यादा था।

2025 का रिकॉर्ड टूटेगा?  
कनाडा ने 2025 में कुल 3779 भारतीयों को डिपोर्ट किया था, जो एक रिकॉर्ड था। 2026 के सिर्फ पहले 6 महीने में ही ये आंकड़ा 88% पार हो चुका है। अगर यही रफ्तार रही तो इस साल नया सालाना रिकॉर्ड बन सकता है।

क्यों बढ़ी सख्ती?  
ओटावा सरकार अपने इमिग्रेशन सिस्टम को टाइट कर रही है। अस्थायी निवासियों - इंटरनेशनल स्टूडेंट और टेंपरेरी वर्कर - की संख्या घटाने और बिना कानूनी स्टेटस वाले लोगों पर कार्रवाई तेज करने की वजह से डिपोर्टेशन बढ़े हैं।

कौन टॉप पर?  
2026 की पहली छमाही में डिपोर्ट होने वालों में भारतीय सबसे बड़े ग्रुप बन गए हैं। उन्होंने मैक्सिकन नागरिकों को पीछे छोड़ दिया जिनकी संख्या 1573 रही। पिछले 5 साल से मैक्सिको टॉप पर था, भारत दूसरे नंबर पर। भारत आखिरी बार 2020 में टॉप पर था।

कनाडा की नई इमिग्रेशन पॉलिसी का असर साफ दिख रहा है। स्टूडेंट्स और वर्क वीजा पर जाने वाले भारतीयों के लिए अब नियम पहले से ज्यादा कड़े हो गए हैं।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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