ARF बैठक में पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर मुद्दा, सिंधु जल संधि पर भी साधा निशाना...

ASEAN रीजनल फोरम की 33वीं मंत्री-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के डिप्टी PM और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवाद सुलझे बिना दक्षिण एशिया में शांति संभव नहीं। डार ने सिंधु जल संधि को "एकतरफा" रोकने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत पर दबाव बनाने की अपील की। उन्होंने इसे 25 करोड़ पाकिस्तानी लोगों की आजीविका के लिए खतरा बताया।

Jul 23, 2026 - 17:37
Updated: 2 months ago
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ARF बैठक में पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर मुद्दा, सिंधु जल संधि पर भी साधा निशाना...
ARF बैठक में पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर मुद्दा, सिंधु जल संधि पर भी साधा निशाना...

मनीला: वैश्विक मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की पुरानी आदत एक बार फिर दिखी। ASEAN रीजनल फोरम ARF की 33वीं मंत्री-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि दोनों का जिक्र किया।

कश्मीर विवाद से क्षेत्र को खतरा  
डार ने गुरुवार को बैठक में 8 बड़ी सुरक्षा चुनौतियों की लिस्ट गिनाई। इसमें गाजा, यूक्रेन, आतंकवाद, अफगानिस्तान के साथ दक्षिण एशिया में स्थिरता को भी शामिल किया।  
कश्मीर पर उन्होंने कहा कि "लंबे समय से चला आ रहा ये विवाद हल नहीं हुआ तो पूरे इलाके की शांति को खतरा रहेगा।" पाकिस्तान का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि इसका समाधान UN चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की मर्जी के हिसाब से शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।

सिंधु जल संधि को बताया एकतरफा कदम
डार ने भारत द्वारा पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने का मुद्दा भी उठाया।  
"भारत ने एकतरफा फैसला लेकर संधि खत्म की। पानी को हथियार बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। इससे पाकिस्तान के 25 करोड़ लोगों की जिंदगी और रोजगार पर असर पड़ेगा।"  
उन्होंने ARF के सदस्य देशों से अपील की कि वो भारत के "गैर-कानूनी और मनमाने" फैसलों पर ध्यान दें और दबाव बनाएं।

मनीला प्लान का स्वागत  
बयान के आखिर में डार ने मनीला प्लान ऑफ एक्शन 2026 को अपनाए जाने का स्वागत किया और मेजबान फिलीपींस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ARF को बातचीत और सहयोग बढ़ाकर बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत होना चाहिए।

पाकिस्तान के नेता अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों से कश्मीर का मुद्दा उठाकर भारत पर आरोप लगाते रहे हैं।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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