भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन, पड़ोसी श्रीलंका डेंगू से बेहाल...
श्रीलंका एक दशक के सबसे बड़े डेंगू प्रकोप से जूझ रहा है। जनवरी से अब तक 76 हजार से ज्यादा मामले और 53 मौतें दर्ज हुई हैं। बचाव के लिए ड्रोन और सेना की मदद ली जा रही है। इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर है। भारत ने अपनी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी दी है। ये वैक्सीन 4 से 60 साल के लोगों को 3 महीने के अंतराल पर 2 डोज में दी जाएगी और चारों डेंगू स्ट्रेन से बचाव में मदद करेगी।
दक्षिण एशिया में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। श्रीलंका में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जबकि भारत ने इस बीमारी से लड़ाई के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
10 साल का सबसे बुरा प्रकोप
श्रीलंका में जनवरी से अब तक 76,044 डेंगू केस और 53 मौतें हो चुकी हैं। आंकड़ा 2017 के बड़े प्रकोप के 1 लाख मामलों के करीब पहुंच रहा है।
स्थिति को काबू करने के लिए एयर फोर्स ड्रोन से छतों पर जमा पानी की पहचान कर रही है। सेना और मेडिकल स्टाफ भी फील्ड में उतारे गए हैं।
जुलाई के पहले 2 हफ्तों में ही 18,000 से ज्यादा नए केस आए। अस्पतालों में बेड और स्टाफ बढ़ाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 75% संक्रमण DENV-2 स्ट्रेन से हैं, जिसे ज्यादा गंभीर माना जाता है। उम्मीद है कि अगस्त में मानसून कम होने के साथ मामले घटेंगे।
भारत के लिए अच्छी खबर: QDENGA को मिली मंजूरी
डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने अपनी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी दे दी है।
वैक्सीन की 4 खास बातें:
1. पहली मंजूर वैक्सीन - भारत में डेंगू के लिए पहली बार किसी वैक्सीन को हरी झंडी मिली
2. उम्र सीमा - 4 से 60 साल तक के लोगों को दी जा सकती है
3. 2 डोज - 3 महीने के अंतराल पर दो डोज लेनी होंगी
4. 4 स्ट्रेन से सुरक्षा - ये डेंगू वायरस के सभी 4 प्रकारों से बचाव करती है और गंभीर बीमारी व अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम करती है
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। इससे डेंगू पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन बीमारी को रोकने और गंभीरता कम करने में मदद मिलेगी।
भारत में हर साल डेंगू से बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। ऐसे में QDENGA की मंजूरी को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
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