नेपाल में बाढ़ से तबाही, मरने वालों की संख्या 768 पहुंची, 2500 से ज्यादा लापता, 238 छात्र-18 शिक्षक भी शामिल
नेपाल में भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या रविवार को 768 पहुंची, 2502 लोग अब भी लापता, 8730 को सुरक्षित निकाला गया। NDRRMA के अनुसार चितवन में 264, नवलपरासी पूर्व में 194, पश्चिम में 100 शव बरामद। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिमनद टूटने से आई बाढ़ ने मध्य नेपाल के कस्बों, गांवों, जलविद्युत केंद्रों को तबाह किया। लापता में 238 छात्र और 18 शिक्षक भी। 8 जिलों में 5वें दिन भी रेस्क्यू जारी।
काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार रविवार तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 768 हो गई है, जबकि 2502 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद हुए हैं। आपदा के पांचवें दिन भी बचाव अभियान जारी है, फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और लापता की तलाश हो रही है।
कैसे आई तबाही?
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद टूटने से हिमस्खलन जैसी स्थिति बनी। पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे आया और मध्य नेपाल के कस्बों-गांवों को तबाह कर दिया। कई जलविद्युत केंद्र और बुनियादी ढांचा भी नष्ट हो गए।
कहां कितनी मौतें?
NDRRMA के आंकड़ों के मुताबिक –
चितवन – 264 शव
नवलपरासी पूर्व – 194
नवलपरासी पश्चिम – 100
गोरखा – 58
नुवाकोट – 52
धादिंग – 50
तनहू – 37
रसुवा – 13
अब तक 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
238 छात्र लापता
शिक्षा मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार लापता लोगों में तीन जिलों के स्कूलों के 238 छात्र और 18 शिक्षक भी शामिल हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)