आरक्षण पर एनडीए में घमासान, तेजस्वी यादव का चिराग-मांझी को चैलेंज- दम है तो आरक्षित सीट छोड़कर जनरल से लड़ो
आरक्षण पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की बयानबाजी के बीच तेजस्वी यादव का NDA पर हमला। बोले- आरक्षण खत्म करने वाला अभी तक पैदा नहीं हुआ, चिराग-मांझी में दम है तो आरक्षित सीट छोड़कर सामान्य सीट से लड़कर दिखाएं। आरक्षित सीट से जीतकर बयानबाजी करते हैं, विचारधारा से मतलब नहीं, मंत्री पद और सुविधाओं के लिए सत्ता में हैं। 65% आरक्षण को 9वीं अनुसूची में क्यों नहीं डलवाते, X पर लिखा- गुड़ खाये गुलगुले से परहेज, BJP-RSS ध्यान भटका रहे हैं, मोहन भागवत के 2015 वाले बयान का जिक्र।
पटना: आरक्षण पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए पर बड़ा हमला बोला है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा – आरक्षण को खत्म करने वाला अभी तक कोई पैदा नहीं हुआ है। साथ ही दोनों नेताओं को खुली चुनौती दे दी।
जनरल सीट से लड़कर दिखाओ
तेजस्वी बोले – मैंने खुद कभी आरक्षण का लाभ नहीं लिया, लेकिन चिराग पासवान और जीतन राम मांझी लगातार आरक्षित सीट से चुनाव लड़ते हैं और वहीं आरक्षण पर बयानबाजी करते हैं। दम है तो आरक्षित सीट से इस्तीफा देकर जनरल सीट से चुनाव लड़कर देखें। उन्होंने आरोप लगाया – ये नेता आरक्षण का लाभ भी लेते हैं और उसी पर बहस भी करते हैं। समाज और विचारधारा से लेना-देना नहीं, सिर्फ सत्ता, मंत्री पद, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए अवसरवाद की राजनीति। तेजस्वी ने कहा – नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग, मांझी सब आरक्षण खत्म करना चाहने वालों के साथ खड़े हैं।
65% आरक्षण पर घेरा
तेजस्वी ने महागठबंधन सरकार में बढ़ाई गई 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा का मुद्दा उठाया और पूछा – अगर NDA सहयोगी आरक्षण समर्थक हैं तो इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराने की पहल क्यों नहीं करते? इनकी स्पष्ट विचारधारा क्या है, कोई नहीं जानता।
X पर पोस्ट – गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज
तेजस्वी ने एक्स पर लिखा – ‘गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज!’ आरोप लगाया – दो केंद्रीय मंत्री अलग-अलग बयान देकर भाजपा-RSS के आरक्षण खत्म करने के मूल उद्देश्य से ध्यान भटका रहे हैं और जनभावना नाप रहे हैं।
आरक्षित कोटे से जीतकर ये नेता संविधान विरोधियों के साथ सत्ता का सुख भोग रहे हैं।
मोहन भागवत के बयान का जिक्र
तेजस्वी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के 2015 में आरक्षण समीक्षा वाले बयान को याद दिलाया और कहा – तब बिहार की जनता ने जवाब दिया था, फिर ऐसा प्रयास हुआ तो जनता फिर जवाब देगी।
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