बिहार की बेटी ने रचा इतिहास! कैप्टन रितु कुमारी बनीं पहली महिला मास्टर, युद्ध के बीच संभाली MT जग पवित्रा की कमान
नालंदा की बेटी कैप्टन रितु कुमारी ने इतिहास रच दिया है। वो ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी की पहली महिला मास्टर और विदेश जाने वाले जहाज की कमान संभालने वाली बिहार की पहली महिला बनी हैं। 16 साल के करियर में उन्होंने लगभग पूरी दुनिया देख ली है, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच भी जहाज पर डटी रहीं।
नालंदा। बिहार के नालंदा की बेटी रितु कुमारी ने वो कर दिखाया है जो आज तक कोई नहीं कर सका। वो ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के इतिहास में पहली महिला मास्टर और विदेश जाने वाले टैंकर 'एमटी जग पवित्रा' की कमान संभालने वाली बिहार की पहली महिला बन गई हैं।
समंदर में सिर्फ 2% हैं महिलाएं
कैप्टन रितु ने बताया कि देश के समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी आज भी सिर्फ 2% है। कैप्टन, चीफ ऑफिसर, चीफ इंजीनियर जैसे बड़े पदों पर महिलाएं गिनी-चुनी हैं। बिहार से वो इस फील्ड में दूसरी महिला हैं।
Super-30 से शुरू हुआ सफर
रितु ने बताया कि वो आनंद सर के यहां ट्यूशन पढ़ती थीं, जहां Super-30 का बैच चलता था। सीनियर्स ने बताया कि IIT रैंक से भी मर्चेंट नेवी में जा सकते हैं। फिर उन्होंने मुंबई के TS चाणक्य में BSc Nautical Science में एडमिशन लिया। राजगीर नवोदय विद्यालय में वो स्कूल कैप्टन रह चुकी हैं।
पहली बार जहाज देखा तो आंखें खुली रह गईं
"पहली बार जब नाव से टैंकर पर गई तो आंखें खुली रह गईं," रितु ने बताया। 16 साल के करियर में उन्होंने लगभग पूरी दुनिया के पोर्ट देख लिए हैं, बस दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका का पूर्वी तट और न्यूजीलैंड बाकी है।
युद्ध के बीच भी नहीं डरीं
सबसे मुश्किल सफर के बारे में रितु ने बताया, "जब मुझे पहली कमान मिली तो इजराइल-ईरान युद्ध शुरू हो गया था। हमारा जहाज उसी इलाके में था। होर्मुज के पास जहाजों पर हमले हो रहे थे, लेकिन डर नहीं लगा। इंडियन फ्लैग वाले जहाज पर होने का अलग ही भरोसा होता है। दुनिया भारतीय झंडे की ताकत जानती है।"
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