NDA में रहकर भी अलग राह पर चिराग पासवान, CJP प्रोटेस्ट से लेकर लालू की मूर्ति तक, हर मुद्दे पर दिखाया बदला अंदाज

LJP(R) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान खुद को NDA में रहकर भी अलग नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं। CJP के 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन पर उन्होंने अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा- ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता, कितनी ट्रेनें रोकोगे? प्रदर्शन होने चाहिए, हालांकि समाधान बातचीत से निकलेगा। वहीं लालू प्रसाद को 'महापुरुष' बताकर मूर्ति लगाने की मांग, प्रशांत किशोर की तारीफ और क्रीमी लेयर पर जीतन राम मांझी का विरोध कर चिराग ने संकेत दिया है कि वो किसी दल के अंधभक्त नहीं हैं।

Oct 10, 2026 - 17:40
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NDA में रहकर भी अलग राह पर चिराग पासवान, CJP प्रोटेस्ट से लेकर लालू की मूर्ति तक, हर मुद्दे पर दिखाया बदला अंदाज

पटना। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इन दिनों NDA में रहते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में हैं। उनका संदेश साफ है- गठबंधन में रहेंगे, लेकिन अंधभक्त बनकर राजनीति नहीं करेंगे।

CJP प्रदर्शन पर सरकार को ही घेरा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले ट्रेनें और सड़कें बंद करने पर चिराग ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने Gen Z आंदोलन को सपोर्ट करते हुए कहा- "ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता। भारत के युवाओं में दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है।"

साथ ही पूछा- "आखिर कितनी ट्रेनें रोकी जा सकती हैं और कितनी सड़कें जाम की जा सकती हैं? लोकतंत्र में प्रदर्शन होते हैं और होने भी चाहिए।" हालांकि उन्होंने CJP को मध्य-मार्ग की सलाह भी दी कि समाधान विरोध से नहीं, संवाद से निकलेगा।

लालू को बताया महापुरुष

कभी लालू के जंगलराज पर हमला करने वाले चिराग अब उनके सम्मान में खड़े हैं। हाल ही में उन्होंने लालू प्रसाद को 'महापुरुष' बताया और कहा कि राजधानी के किसी चौक-चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगनी चाहिए।

प्रशांत किशोर पर बदले सुर

बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज पर हमला बोलने वाले चिराग अब प्रशांत किशोर की तारीफ करते हैं। वे कहते हैं कि प्रशांत जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार और बिहार के विकास की बात करते हैं।

क्रीमी लेयर पर मांझी से टकराव

आरक्षण में क्रीमी लेयर के मुद्दे पर चिराग, जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के खिलाफ हैं। चिराग का कहना है- आरक्षण का आधार सामाजिक और ऐतिहासिक भेदभाव है, आर्थिक नहीं। उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर संतोष सुमन क्रीमी लेयर का समर्थन करते हैं तो मंत्री पद से इस्तीफा दे दें।

राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि 'अगला CM चिराग' के नारे के बाद चिराग खुद को भविष्य के लिए तैयार रखना चाहते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी नए समीकरण में फिट हो सकें।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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