DMK का बड़ा ऐलान- हम विपक्ष में हैं, लेकिन न कांग्रेस के साथ न इंडिया ब्लॉक का हिस्सा...
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने कहा पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी लेकिन कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक से अलग। FCRA बिल का विरोध करेंगे। आरोप लगाया कांग्रेस बीजेपी की मदद कर रही है। तमिलनाडु के हितों को प्राथमिकता देंगे।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बाकी हिस्से को लेकर सभी की नजरें डीएमके पर हैं। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वो विपक्ष का रोल निभाएगी, लेकिन कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक से अलग होकर।
डीएमके चीफ एमके स्टालिन के करीबी और सांसद दयानिधि मारन ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार के खिलाफ मुद्दों पर विरोध जारी रखेगी, लेकिन विपक्षी गठबंधन के साथ नहीं।
कांग्रेस ने हमें धोखा दिया
मारन ने सीधे आरोप लगाया कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ धोखा किया है। इसी वजह से पार्टी के सांसद अब खरगे के दफ्तर में होने वाली रोजाना विपक्षी बैठक में भी नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने कहा: "हम विपक्ष के साथ हैं। लेकिन हम न तो कांग्रेस के साथ हैं और न ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं।"
FCRA बिल और अन्य मुद्दों पर विरोध
डीएमके ने साफ किया कि सरकार अगले हफ्ते लाने वाले FCRA संशोधन बिल का भी विरोध किया जाएगा। साथ ही पार्टी NEET, पेपर लीक बिल और वंदे मातरम् अपमान बिल जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है।
मारन के अनुसार डीएमके की राजनीति पूरी तरह तमिलनाडु के हितों से तय होगी।
कांग्रेस पर बीजेपी की मदद का आरोप
डीएमके नेता ने कहा कि महंगाई, तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया संकट जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी बिल ला रही है। और कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी की मदद कर रही है।
विपक्ष की बेचैनी
डीएमके के इस स्टैंड से इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर असर पड़ सकता है। विपक्ष के कई नेता स्टालिन से संपर्क में हैं ताकि सत्र में तालमेल बन सके। अयोध्या राम मंदिर चंदा और अमित शाह को सदन में बुलाने की मांग भी विपक्ष के एजेंडे में है।
फिलहाल डीएमके ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी विपक्ष में रहेगी, लेकिन अपनी शर्तों पर। इससे मानसून सत्र की सियासत और दिलचस्प हो गई है।
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