शिवसेना नेता शायना एनसी का राहुल गांधी पर हमला, बोलीं- हिंदू ग्रंथों पर ही क्यों बोलते हो, शरिया-हलाला पर चुप क्यों?
शिवसेना नेता शायना एनसी ने पुणे में मनुस्मृति को महिला विरोधी बताने पर राहुल गांधी की आलोचना की। कहा- वोट बैंक के लिए हिंदू धर्म ग्रंथों में बुराई दिखती है, क्या शरिया एक्ट, तीन तलाक, हलाला पर बोले हैं? ये चुनिंदा नारीवाद है। चुनौती दी- अगर महिलाओं की चिंता है तो UCC, बाल विवाह रोक और बहुविवाह के खिलाफ कानून का समर्थन करें। राहुल विपक्ष के नेता नहीं प्रोपेगेंडा के नेता हैं। राहुल ने पुणे में छात्रों से कहा था- मनुस्मृति में महिला कभी स्वतंत्र नहीं, ये शर्मनाक है।
मुंबई: मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान पर सियासत तेज है। शिवसेना नेता शायना एनसी ने राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।
शायना ने कहा – राहुल गांधी को हिंदू धर्मग्रंथों में सिर्फ बुराई दिखती है। वोट बैंक के लिए हिंदुओं को बुरा-भला कहना उनकी आदत है। क्या उन्होंने कभी शरिया एक्ट, ट्रिपल तलाक और हलाला पर खुलकर बात की है? ये चुनिंदा नारीवाद है।
बालासाहेब ठाकरे और हमारे नेता एकनाथ शिंदे मानते रहे हैं हिंदुत्व का असली सार धर्मनिरपेक्षता है। राहुल जी, अगर महिलाओं की इतनी चिंता है तो UCC का समर्थन करें, बाल विवाह पर रोक लगवाएं, बहुविवाह के खिलाफ कानून लाएं। इन पर चुप्पी और फिर बेकार की बातें करना आदत है। आप विपक्ष के नेता नहीं, प्रोपेगेंडा के नेता हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
22 अगस्त को पुणे में छात्रों के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था – मनुस्मृति में साफ लिखा है – बचपन में महिला पिता के अधीन, जवानी में पति की, पति की मृत्यु के बाद बेटों की। महिला कभी स्वतंत्र नहीं होनी चाहिए। ये शब्द शर्मनाक हैं, कहे ही नहीं जाने चाहिए। महिलाएं देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं।
राहुल ने और कहा - महिलाओं को समाज ने बेटी, पत्नी, मां – तीन बॉक्स में बंद कर दिया, उनकी अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए। देश में 3 तरह की हिंसा – भ्रूण हत्या, शारीरिक अत्याचार, आर्थिक बंदिशें। जंतर-मंतर पर महिला आंदोलनकारियों को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी का वीडियो चलाकर तंज भी कसा।
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