FCRA में बड़े बदलाव का प्लान: 12 अगस्त को संसद में चर्चा, चर्च-मस्जिद से लेकर अमेरिका तक हड़कंप
सरकार 12 अगस्त 2026 को FCRA में 3 बड़े संशोधन लाने वाली है। विदेशी फंड वाली संपत्ति जब्त करने का प्रावधान, न्यूनतम खर्च की शर्त और डिजाइनेटेड अथॉरिटी का गठन। विपक्ष, धार्मिक संगठनों और अब अमेरिका ने भी जताया विरोध।
नई दिल्ली: विदेशी फंडिंग को लेकर सरकार एक बड़ा कानून बदलने जा रही है। FCRA संशोधन बिल 12 अगस्त 2026 को संसद में चर्चा के लिए लिस्ट है। इसे लेकर विपक्ष, धार्मिक संगठन और अब अमेरिका तक ने चिंता जताई है।
FCRA है क्या?
Foreign Contribution Regulation Act 1976 में इंदिरा गांधी सरकार ने बनाया था। मकसद था विदेशी पैसा लेकर कोई संस्था भारत के अंदरूनी मामलों को प्रभावित न करे।
3 काम करता है FCRA:
1. तय करता है कौन और कैसे विदेशी चंदा ले सकता है
2. पैसे के इस्तेमाल और हिसाब का नियम बनाता है
3. देश की सुरक्षा/सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले फंड पर रोक लगाता है
2020 में मोदी सरकार ने इसे और सख्त किया था। अब प्रशासनिक खर्च सिर्फ 20% और पैसा सिर्फ SBI दिल्ली ब्रांच में आएगा।
सरकार क्या 3 बड़े बदलाव चाहती है?
1. इस्तेमाल साफ बताना होगा: NGO को बताना पड़ेगा कि विदेशी पैसा किस काम और किस राज्य में लगेगा। 'सामाजिक-धार्मिक' जैसी ब्रॉड कैटेगरी नहीं चलेगी।
2. डिजाइनेटेड अथॉरिटी: अगर NGO का FCRA लाइसेंस रद्द/समाप्त हुआ तो विदेशी फंड से बनी संपत्ति ये अथॉरिटी जब्त कर सकती है, मैनेज कर सकती है या बेच सकती है।
3. 5 साल में रिन्यू जरूरी: रिन्यू न होने पर सर्टिफिकेट ऑटो-सीज और संपत्ति अथॉरिटी के पास। साथ ही हर साल 10 लाख खर्च करना जरूरी। सजा 5 साल से घटाकर 1 साल।
सरकार ने ये भी कहा कि अगर जब्त संपत्ति पूजा स्थल है तो उसका धार्मिक स्वरूप नहीं बदलेगा।
विवाद क्यों?
सबसे ज्यादा विरोध संपत्ति जब्ती वाले सेक्शन 14B और 16A पर है। आलोचकों का कहना है अथॉरिटी को कोर्ट के बिना ये पावर देना खतरनाक है।
ईसाई संगठन खासकर केरल और नॉर्थईस्ट से डरे हुए हैं क्योंकि उनके स्कूल, हॉस्पिटल, चर्च बड़े पैमाने पर विदेशी फंड पर चलते हैं।
अमेरिका ने क्या कहा?
रिपब्लिकन सांसद रिले मूर ने X पर लिखा कि ये बिल "ईसाइयों पर सीधा हमला" है और भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए चिंता का विषय बनेगा।
सरकार का जवाब
गृह मंत्री अमित शाह ने ईसाई प्रतिनिधियों से मिलकर कहा: बिल धर्म-निरपेक्ष है, किसी को टारगेट नहीं कर रहा। ये पूर्वव्यापी नहीं होगा और चर्च-मस्जिद का धार्मिक रूप बरकरार रहेगा।
PIB ने सफाई दी कि जब्ती सिर्फ तभी होगी जब रजिस्ट्रेशन कानूनी तौर पर खत्म हो जाए। रिन्यू होने पर संपत्ति वापस मिल जाएगी।
क्या पास हो जाएगा?
बिल अभी कानून नहीं है। 12 अगस्त को लोकसभा में चर्चा होनी है। कांग्रेस, DMK इसे "तानाशाही" बता रहे हैं और JPC को भेजने की मांग कर रहे हैं।
नंबर गेम: NDA के पास लोकसभा में 318 और राज्यसभा में 152 सांसद हैं। बहुमत के लिए 271 और 123 चाहिए। यानी सरकार के पास कराने के लिए संख्या है।
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