PM मोदी ने कहा तारिक रहमान की भारत यात्रा 'यादगार' हो, BRICS दौरे पर अभी भी शर्तों का पेंच
भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का बड़ा बयान। कहा- PM मोदी चाहते हैं तारिक रहमान की भारत यात्रा यादगार हो। 12-13 सितंबर को BRICS समिट का न्योता बरकरार। लेकिन ढाका ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण को शर्त बनाया। सीमा, जल और चीन फैक्टर से रिश्तों में खटास, फिर भी डीजल-वीजा में नरमी के संकेत।
ढाका/नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास के बीच भारत ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 18 अगस्त को कहा कि PM नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा 'यादगार' हो।
BRICS न्योता बरकरार, लेकिन शर्त का पेंच
भारत ने तारिक रहमान को 12-13 सितंबर के BRICS शिखर सम्मेलन और एक द्विपक्षीय दौरे के लिए न्योता दिया है। लेकिन ढाका ने शर्त रख दी है - जब तक भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर कार्रवाई नहीं करता, कोई दौरा नहीं होगा।
बांग्लादेश ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी हत्याकांड के आरोपियों के प्रत्यर्पण की भी मांग की है। भारत ने कहा है कि रिश्ते 'पारस्परिकता' के आधार पर चलेंगे और BRICS का न्योता अभी भी खुला है।
रिश्तों में खटास के 5 बड़े कारण
विदेश मामलों के जानकार डॉ. प्रसेनजीत बिस्वास के मुताबिक:
1. हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस: 5 अगस्त 2026 को दिल्ली से हसीना का दिसंबर में वापसी का ऐलान। ढाका नाराज।
2. सीमा तनाव: मई 2025 से 2300+ 'पुश-इन' के मामले। 2026 में BSF फायरिंग में 8 बांग्लादेशियों की मौत।
3. जल समझौते लंबित: तीस्ता बंटवारा 2011 से अटका। गंगा संधि दिसंबर 2026 में खत्म।
4. चीन की नजदीकी: तारिक रहमान का पहला विदेश दौरा चीन। 6 अरब डॉलर फंडिंग और J-10 लड़ाकू विमान की डील।
5. हसीना पर मौत की सजा: बांग्लादेश कोर्ट ने 2025 में हसीना को मानवता विरोधी अपराध में सजाए-मौत सुनाई।
क्या बर्फ पिघलने के संकेत हैं?
तनाव के बीच 4 सकारात्मक पहलू भी हैं:
1. PM मोदी का संदेश: "हम सीमा नहीं, सपने साझा करते हैं" - Neighbourhood First पर जोर।
2. ऊर्जा सहयोग जारी: मई 2026 में शुरू इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन से डीजल सप्लाई जारी।
3. पर्यटक वीजा बहाल: 2 साल बाद भारत ने बांग्लादेश के लिए टूरिस्ट वीजा फिर शुरू किए।
4. नए हाई कमिश्नर: दिनेश त्रिवेदी की कैबिनेट रैंक पर नियुक्ति - संबंधों को अहमियत का संकेत।
BHU के प्रोफेसर डॉ. प्रियंकर उपाध्याय कहते हैं, 54 साझा नदियां और 4000 KM सीमा के कारण भारत-बांग्लादेश एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। बर्फ चाहे जितनी मोटी हो, पिघलेगी जरूर।कूटनीतिक बयान और डीजल-वीजा जैसी पहल से रिश्तों में नरमी के आसार हैं, लेकिन हसीना के प्रत्यर्पण और तीस्ता जैसे मुद्दे अभी भी सबसे बड़े रोड़े हैं। अब गेंद बांग्लादेश के पाले में है।
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