जमुई कांड के बाद शराबबंदी पर फिर घमासान, शिवानंद तिवारी बोले - नीतीश का प्रयोग फेल, माफिया भर रहा खाली जगह
जमुई घटना के बाद बिहार में शराबबंदी पर सियासत तेज, RJD नेता शिवानंद तिवारी ने कहा - शराबबंदी फेल है, राजस्व 319 करोड़ से 3500 करोड़ हुआ था, अब माफिया राज।
जमुई कांड के बाद बिहार में एक बार फिर शराबबंदी पर बड़ी बहस छिड़ गई है।
RJD के सीनियर नेता शिवानंद तिवारी ने सीधे नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति को फेल बता दिया है। उन्होंने कहा - जमुई के आरोपी शराब तस्करी से जुड़े हैं, यही शराबबंदी की सच्चाई है।
शिवानंद ने गिनाए आंकड़े
तिवारी बोले - "राबड़ी सरकार में जब मैं आबकारी मंत्री था तो राजस्व 319 करोड़ था, नीतीश सरकार में ये बढ़कर 3500 करोड़ हो गया।"
इसका मतलब शराब की उपलब्धता बढ़ गई, घर-घर शराब पहुंचने लगी, पारचून की दुकान तक पर मिलने लगी। महिलाओं ने इसका विरोध किया, परिवार बर्बाद होने लगे।
मुजफ्फरपुर की सभा का जिक्र
उन्होंने बताया - मुजफ्फरपुर में महिलाओं ने नीतीश के सामने शराब का विरोध किया था। तब नीतीश ने कहा था - लड़कियों की साइकिल-पोशाक का पैसा कहां से आएगा? फिर पहले देसी शराब बंद की, बाद में पूर्ण शराबबंदी लगा दी।
माफिया राज का आरोप
शिवानंद का बड़ा आरोप - "शराबबंदी के बाद जो शून्य बना, उसे शराब माफिया ने भर दिया। माफिया इतना ताकतवर है कि पुलिस भी डरती है। गांव-गांव में सूखा नशा फैल रहा है, युवा बर्बाद हो रहे हैं।"
सर्वदलीय बैठक की मांग
RJD नेता ने मांग की - सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए, शराबबंदी पर फिर से विचार करे। बोले - "अच्छे के लिए प्रयोग किया, फेल हो गया तो पीछे हटना ही बुद्धिमानी है।"
जमुई के बाद अब बिहार में शराबबंदी फिर सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है।
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