झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा झटका, 2 महीने में 16 माओवादियों ने डाले हथियार...
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। हेमंत सरकार की सरेंडर नीति के तहत 16 माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। इनमें 14 चाईबासा और 2 लातेहार के हैं। सरेंडर करने वालों में 15 लाख के इनामी RCM सदस्य संतोष उरांव भी शामिल है। IG नटेंद्र सिंह ने कहा अब चाईबासा में 6 और पूरे राज्य में सिर्फ 20 सक्रिय नक्सली बचे हैं। पुलिस ने बाकियों से भी सरेंडर की अपील की।
रांची: झारखंड में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। हेमंत सरकार की आत्मसमर्पण नीति और पुलिस के दबाव के चलते 16 कट्टर माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है।
'ऑपरेशन नवजीवन-2' के तहत सरेंडर
पुलिस के IG ऑपरेशंस नटेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये सरेंडर 'ऑपरेशन नवजीवन-2' के तहत हुआ है।
21 मई को 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इसके बाद रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी और अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी के बाद ये अभियान तेज हुआ। इसी कड़ी में अब 16 और नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वालों में चाईबासा के 14 और लातेहार के 2 नक्सली शामिल हैं।
कौन-कौन शामिल, क्या बरामद हुआ?
सरेंडर करने वालों में सबसे बड़ा नाम संतोष उरांव उर्फ बासुदेव दा का है। ये RCM रैंक का नक्सली है और इस पर 15 लाख का इनाम था। इसके पास से इंसास राइफल और 136 राउंड कारतूस मिले।
इसके अलावा चंदन लोहरा 10 लाख का इनामी JZCM है। इसके पास से AK-47 बरामद हुई। अनिल तुरी और सुखलाल बिरंजिया पर भी 5-5 लाख का इनाम था। कुल मिलाकर AK-47, इंसास, M-16 जैसी आधुनिक राइफलें और सैकड़ों कारतूस बरामद किए गए हैं।
अब राज्य में बचे सिर्फ 20 नक्सली
IG ने बताया कि इन सरेंडरों के बाद चाईबासा में अब केवल 6 और पूरे झारखंड में सिर्फ 20 सक्रिय नक्सली बचे हैं। इसमें टॉप कमांडर मिसिर बेसरा का नाम भी शामिल है। नटेंद्र सिंह ने बचे हुए नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा, "हम आपसे अपील करते हैं कि तुरंत सरेंडर कर दें। वरना ऑपरेशन के दौरान खत्म कर दिए जाएंगे।"
DGP ने जताई उम्मीद
DGP तदाशा मिश्रा ने कहा कि सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा ताकि वो मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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