झारखंड में डॉक्टरों का बड़ा ऐलान - DACP लागू नहीं हुआ तो 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल, 5 अक्टूबर तक डेडलाइन, सरकार को ज्ञापन देंगे

झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ JHASA ने रविवार को Dynamic Assured Career Progression DACP जल्द लागू करने की मांग की और चेतावनी दी मांग पूरी नहीं हुई तो 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे। रांची में आम सभा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपने का फैसला हुआ। सचिव मृत्युंजय ठाकुर ने कहा 2015 में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए गाइडलाइन बनी लेकिन 11 साल बाद भी DACP लाभ वाले प्रावधान नहीं बने। DACP में रिक्तियों की उपलब्धता के बजाय सेवा वर्षों के आधार पर प्रमोशन मिलता है। ठाकुर बोले 5 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध विरोध शुरू करेंगे और 22 अक्टूबर से हड़ताल पर जाएंगे। बिहार में डॉक्टरों को 20 साल में 4 बार DACP मिलता है झारखंड में 25 साल सेवा में यह लाभ मिलता है, मांग है केंद्र और बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी DACP लागू हो, साथ ही स्वीकृत पदों पर भर्ती तेज की जाए, डॉक्टरों ने हेमंत सोरेन सरकार के सामने खुलकर मांग रखी है।

Sep 21, 2026 - 18:10
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झारखंड में डॉक्टरों का बड़ा ऐलान - DACP लागू नहीं हुआ तो 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल, 5 अक्टूबर तक डेडलाइन, सरकार को ज्ञापन देंगे

रांची - झारखंड में सरकारी डॉक्टरों ने सरकार को बड़ी चेतावनी दी है।

झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ JHASA ने रविवार को रांची में हुई आम सभा बैठक में फैसला लिया कि Dynamic Assured Career Progression DACP को जल्द लागू किया जाए। अगर मांग नहीं मानी गई तो 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।

संघ ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।

क्या है डॉक्टरों की मांग?

DACP व्यवस्था में डॉक्टरों को खाली पदों के आधार पर नहीं बल्कि सेवा के सालों के आधार पर प्रमोशन दिया जाता है।

JHASA सचिव मृत्युंजय ठाकुर ने कहा - "2015 में झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए गाइडलाइन बनी थी, लेकिन 11 साल बाद भी उन्हें DACP का लाभ देने वाले प्रावधान तैयार नहीं हुए।"

उन्होंने कहा - "हमने अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन देने का फैसला किया है, अगर 5 अक्टूबर तक हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे और 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।"

बिहार से तुलना

ठाकुर ने बताया - "पड़ोसी राज्य बिहार में डॉक्टरों को 20 साल में 4 बार DACP का लाभ मिलता है, जबकि झारखंड में 25 साल की सेवा में यही लाभ मिलता है। हम चाहते हैं कि केंद्र और बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी DACP लागू हो।"

संघ ने सरकार से स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने की भी मांग की है। डॉक्टरों ने हेमंत सोरेन सरकार के सामने खुलकर अपनी बात रखी है और मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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