JPSC परीक्षा विवाद में बड़ा खुलासा, CID ने रांची के होटलों में मारी रेड, 3 और गिरफ्तार...
झारखंड लोक सेवा आयोग JPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता मामले में CID ने शुक्रवार को बड़ा एक्शन लिया। जांच के दौरान रांची के दो होटलों में छापेमारी कर आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL के 3 कर्मचारियों हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या 8 हो गई है। CID ने JPSC मुख्यालय और TDPL के दफ्तरों से सर्वर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और OMR शीट समेत कई दस्तावेज जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। 2025 में ब्लैकलिस्ट हो चुकी TDPL को फिर से ठेका कैसे मिला, इसकी भी जांच हो रही है।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने शुक्रवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 8 पहुंच गई है।
होटलों में छापेमारी, 3 कर्मचारी अरेस्ट
CID की SIT टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए रांची के दो होटलों में छापेमारी की। इस दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी TDPL यानी TSR Data Processing Pvt Ltd के कर्मचारी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया।
CID के अनुसार तीनों से परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है 5 गिरफ्तारियां
इससे पहले CID ने JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी और कंपनी के दो कर्मचारियों मो. उस्मान व मो. एबाद को गिरफ्तार किया था। अदालत ने पांचों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच
जांच एजेंसी ने JPSC मुख्यालय और TDPL के कार्यालयों से सर्वर, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, पेन ड्राइव और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि OMR डेटा या अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
CID इस बात की भी जांच कर रही है कि 2025 में JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई TDPL को फिर से JPSC परीक्षाओं का ठेका किस आधार पर दिया गया और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका थी।
किस धारा में केस
इस पूरे मामले में CID थाने में कांड संख्या 16/2026 दर्ज है। जांच भारतीय न्याय संहिता और झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 के तहत की जा रही है।
JPSC परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद राज्यभर के अभ्यर्थियों में नाराजगी है और CID की जांच अब गहराती जा रही है।
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