PM मोदी के जन्मदिन पर रोहिणी आचार्य का तंज - मेलोडी जी का छठियार-सतैसा भी मनाना है? दीया, मोमबत्ती, टॉर्च पर कसा तंज
PM मोदी के जन्मदिन सेलिब्रेशन पर सियासत जारी है, इसी बीच सिंगापुर में रहने वाली RJD सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तंज कसा। उन्होंने इटली PM जॉर्जिया मेलोनी और PM मोदी के नाम को मिलाकर मेलोडी कहा और पूछा क्या मेलोडी जी का छठियार-सतैसा भी मनाना है? उन्होंने लिखा महाअवतारी मेलोडी जी का जन्मदिन तो मना लिया गया, अब मूर्ख-मंडली वालों से पूछता है बिहार, छठियार-सतैसा भी मनाना है तो कैसे - दीया ही जलाना है कि अबकी बार मोमबत्ती-टॉर्च या ढिबरी जलाना है? साथ में तस्वीर पोस्ट कर आयोजन पर तंज किया। इससे पहले भी रोहिणी ने दीया जलाने के कार्यक्रम पर कहा था महाअवतारी जी के लिए एक दिन एक घंटे दीया जलाना पर्याप्त नहीं है, पूछता है हिंदुस्तान, ब्रह्माण्ड के स्वयंभू अधिपति, नॉन-बायोलॉजिकल, जवाबदेही मुक्त का जश्न कब तक मनाना है, उत्सव 24x7 पृथ्वी-सृष्टि रहने तक चलना चाहिए नहीं तो लीला-महिमा का बखान पूरा नहीं होगा और जाप करने वाले झांसेबाजों-जुमलेबाजों-बतोलेबाजों-गोबर भक्तों का जीवन निरर्थक हो जाएगा।
पटना - PM मोदी के जन्मदिन सेलिब्रेशन को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखा तंज कसा है।
सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी ने इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी और PM मोदी के नाम को जोड़ते हुए उन्हें 'मेलोडी' कहा।
उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा - "महाअवतारी मेलोडी जी का जन्मदिन तो मना लिया गया। अब मूर्ख-मंडली वालों से पूछता है बिहार। क्या मेलोडी जी का छठियार-सतैसा भी मनाना है और अगर मनाना है तो कैसे मनाना है? दीया ही जलाना है कि अबकी बार मोमबत्ती-टॉर्च या ढिबरी जलाना है?"
रोहिणी ने इस पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर कर दीया जलाने के आयोजन पर निशाना साधा।
पहले भी कर चुकी हैं तंज
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने दीया जलाने के कार्यक्रम पर कहा था - "महाअवतारी जी के लिए सिर्फ एक दिन महज एक घंटे तक ही दीया जलाना पर्याप्त नहीं है। पूछता है हिंदुस्तान। ब्रह्माण्ड के स्वयंभू अधिपति, नॉन-बायोलॉजिकल, जवाबदेही मुक्त का जश्न कब तक मनाना है।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था - "मेरे हिसाब से सिर्फ एक दिन एक घंटे तक दीया जलाना पर्याप्त नहीं है, उत्सव प्रतिदिन 24x7 इस पृथ्वी-सृष्टि के रहने तक चलना चाहिए, अन्यथा महाअवतारी जी की लीला-महिमा का बखान पूरा नहीं हो पाएगा और उनके नाम का जाप करने वाले झांसेबाजों-जुमलेबाजों-गाल बजाने वाले बतोलेबाजों-जाहिल गोबर भक्तों का जीवन निरर्थक हो जाएगा।"
रोहिणी आचार्य बिहार के मुद्दों पर लगातार बेबाक पोस्ट करती रहती हैं।
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