PM मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले 'ये दुनिया की सबसे ताकतवर ट्रेन'
PM मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की। 10 कोच वाली 3200 HP की ये ट्रेन जींद से सोनीपत तक चलेगी। PM ने इसे दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन बताया। साथ ही हरियाणा को 14,700 करोड़ की परियोजनाएं दीं। भारत अब हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला 5वां देश बना।
जींद। भारत ने रेल के क्षेत्र में नया अध्याय लिख दिया है। PM नरेंद्र मोदी ने आज जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोनीपत के लिए रवाना किया। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन चलाने वाला दुनिया का 5वां देश बन गया।
इस मौके पर PM मोदी ने हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये की सड़क, रेल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी दी।
दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन
जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली ये 10 कोच की ट्रेन 89 KM का सफर करीब 2 घंटे में तय करेगी। 14 स्टेशन पड़ेंगे, स्पीड 75 KM/H और किराया 5 से 25 रुपये रखा गया है।
PM ने कहा, "दुनिया में अभी 3-4 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। भारत ने पहली बार में ही 3200 HP की 10 कोच वाली सबसे लंबी और सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन बना दी। ये पूरी तरह 'मेक इन इंडिया' है। इसे हमारे इंजीनियरों ने डिजाइन किया और भारत में ही बनाया गया है।"
21वीं सदी की पहचान
PM ने कहा कि 19वीं सदी स्टीम इंजन की थी, 20वीं सदी डीजल-बिजली की थी और अब 21वीं सदी हाइड्रोजन की है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण डीजल सप्लाई प्रभावित हो सकती है, लेकिन अब भारत डीजल पर निर्भर नहीं है। 2014 से अब तक 99% रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है।
हरियाणा को बड़ी सौगातें
हाइड्रोजन ट्रेन के साथ PM ने इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन/शिलान्यास किया:
- कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेल ट्रैक
- भिवानी और नारनौल में नए मेडिकल कॉलेज
- दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे का हरियाणा सेक्शन
- जींद-गोहाना और हांसी-बरवाला नेशनल हाईवे
- कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय का शिलान्यास
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि जींद में पानी से हाइड्रोजन बनाने का प्लांट लगा है। टेस्टिंग के बाद ये ट्रेन दिल्ली तक जाएगी। CM नायब सैनी ने कहा कि ग्रीन एनर्जी में भारत अब दुनिया के लिए मानक तय कर रहा है।
जींद की यादें ताजा कीं
रैली में PM ने हरियाणवी में कहा, "यो कोई साधारण धरती कोणी सै, यो धरती इतिहास और गौरव की धरती सै।" उन्होंने जींद के घेवर और घी का जिक्र करते हुए कहा कि अब जींद के तेवर भी बदल गए हैं। "जैसे पहली ट्रेन बॉम्बे-ठाणे के नाम से याद की जाती है, वैसे ही भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा तो जींद-सोनीपत का नाम आएगा।"
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