दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा - 5 मंजिला इमारत गिरने का केस हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर होगा, 7 की मौत के बाद एक्शन तेज
दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को 5 मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच ने कहा कि वह केस को दिल्ली हाईकोर्ट से अपने पास ट्रांसफर कर सकती है और लैंड यूज पर फोकस रखना चाहती है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए दीवार तोड़ी गई थी। MCD ने 12 जोन में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ तेज कर दी है।
नई दिल्ली - सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। 10 सितंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संकेत दिया कि वह इस केस को दिल्ली हाईकोर्ट से अपने पास ट्रांसफर कर सकता है।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि हम पूरे देश को लेकर चिंतित हैं, 2 महीने बाद आप समझेंगे हम क्या करना चाहते हैं। कोर्ट का फोकस लैंड यूज और दिल्ली-NCR में रिहायशी इलाकों के कमर्शियल इस्तेमाल पर रहेगा। कोर्ट ने कहा कि रिहायशी इलाकों में ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए जो लोगों का चलना-फिरना और बच्चों का खेलना भी मुश्किल कर दे।
कैसे गिरा था मकान?
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को यह हादसा हुआ था, जिसमें 7 लोगों की मौत और 5 घायल हुए थे। पुलिस ने मकान मालकिन 75 साल की उर्मिला गुप्ता, उनके पति 81 साल के रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि ग्राउंड फ्लोर पर दुकान बनाने के लिए दीवार तोड़ी गई थी, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई।
हादसे के बाद MCD ने 12 जोन में खतरनाक इमारतों और अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज कर दी है। विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग और चांदनी चौक समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ अभियान चलाया गया है।
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