NCERT किताबों में मुगल vs शिवाजी पर घमासान, फडणवीस बोले- UPA में मुगलों पर 13 पेज, शिवाजी पर सिर्फ 1 पैराग्राफ, मोदी राज में 17 पेज
मुगलों के इतिहास पर NCERT किताबें फिर चर्चा में। महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में बीजेपी कार्यकारिणी में UPA सरकार पर निशाना साधा, कहा- पहले मुगलों पर 13 पेज और छत्रपति शिवाजी महाराज पर सिर्फ 1 पैसेज पढ़ाया जाता था, अब PM मोदी के समय NEP 2020 के तहत नए सिलेबस में शिवाजी महाराज पर 17-22 पेज। 8वीं की नई सोशल साइंस बुक में अकबर को 'क्रूर' बताकर 30 हजार लोगों के नरसंहार का जिक्र, बाबर को कवि-प्रकृति प्रेमी लेकिन लुटेरा, औरंगजेब द्वारा मंदिर-गुरुद्वारे तोड़ने का उल्लेख। शिवाजी को दूरदर्शी नेता, मंदिरों का पुनर्निर्माण, गुरिल्ला नीति, अष्टप्रधान परिषद, संभाजी-राजाराम-ताराबाई-बाजीराव तक विस्तार।
नई दिल्ली/पुणे: NCERT की किताबों में मुगल बनाम छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर फिर बहस तेज है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NEP के तहत बदले सिलेबस को लेकर पूर्व UPA सरकार पर सीधा हमला बोला।
पुणे में बीजेपी महाराष्ट्र कार्यकारिणी में फडणवीस ने कहा - UPA के समय NCERT में मुगलों के लिए 13 पेज और शिवाजी के लिए सिर्फ एक पैराग्राफ था। PM मोदी के समय में सिलेबस में शिवाजी को 17 पेज दिए गए। उनका दावा है कि पहले कुछ ऐतिहासिक हस्तियों को अलग-अलग लेवल पर कवरेज मिलता था।
अब NCERT में क्या बदला?
NEP 2020 के तहत 8वीं क्लास की नई सोशल साइंस बुक में बड़े बदलाव हुए हैं -
मुगलों पर नया चित्रण:
अकबर को 'क्रूर' बताया गया, 30,000 लोगों के नरसंहार का आदेश और महिलाओं-बच्चों को गुलाम बनाने का जिक्र
चैप्टर 'रीशेपिंग इंडियाज पॉलिटिकल मैप' में बाबर को एक तरफ कविता, वास्तुकला और प्रकृति प्रेमी, दूसरी तरफ क्रूर, शहर लूटने वाला और गुलाम बनाने वाला
औरंगजेब ने मंदिरों, जैन मंदिरों, सिख गुरुद्वारों को नष्ट करने के फरमान जारी किए, हिंदू-सिख समुदायों का उत्पीड़न किया
शिवाजी महाराज पर 17-22 पेज:
शिवाजी को 'दूरदर्शी नेता' बताया गया है जिन्होंने सभी धर्मों का सम्मान किया और पहले तोड़े गए मंदिरों को फिर बनवाया।
नए सिलेबस में शामिल है - 17वीं शताब्दी में उदय, ऐतिहासिक राज्याभिषेक, सैन्य और गुरिल्ला युद्ध नीति, आठ मंत्रियों (अष्टप्रधान) की परिषद वाला प्रशासन, और शिवाजी के बाद संभाजी महाराज, राजाराम, महारानी ताराबाई और पेशवा बाजीराव प्रथम तक मराठा साम्राज्य का विस्तार।
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