राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी? SC ने SIT पर मांगी जानकारी, RJD सांसद ने लगाए गंभीर आरोप...

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। SC ने SIT गठन की संभावना पर जानकारी मांगी और याचिकाकर्ताओं को मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की चेतावनी दी। सुनवाई में शामिल RJD सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि ये सिर्फ पैसे की नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की चोरी है। उन्होंने 10,000 करोड़ के घोटाले और नृपेंद्र मिश्रा कमेटी पर भी सवाल उठाए।

Jul 20, 2026 - 20:09
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राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी? SC ने SIT पर मांगी जानकारी, RJD सांसद ने लगाए गंभीर आरोप...

अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेरफेर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर SC में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने विशेष जांच दल यानी SIT बनाने की संभावना पर केंद्र से जानकारी मांगी। साथ ही याचिकाकर्ताओं को नसीहत दी कि इस विषय का राजनीतिकरण न किया जाए।

सुनवाई में पहुंचे RJD सांसद सुधाकर सिंह  
सुनवाई के दौरान बक्सर से RJD सांसद सुधाकर सिंह भी मौजूद थे। बाहर आकर उन्होंने तीखा हमला बोला।  
"ये केवल दान राशि की चोरी का मामला नहीं है। ये देश के 145 करोड़ लोगों की आस्था की चोरी है। इसी वजह से हमें सुप्रीम कोर्ट आना पड़ा।"

नृपेंद्र मिश्रा कमेटी भ्रष्टाचार में शामिल
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी नृपेंद्र मिश्रा की कमेटी भ्रष्टाचार में लिप्त थी।  
"पिछले 6 साल से शिकायतें आ रही थीं कि देशभर में चंदे के लिए जारी रसीदों का कोई हिसाब नहीं है। बड़े पैमाने पर फंड का गबन हुआ है। चंदे का पैसा कभी अयोध्या पहुंचा ही नहीं।"

10,000 करोड़ का घोटाला?  
RJD सांसद ने दावा किया कि पूरा घोटाला करीब 10,000 करोड़ रुपये का है।  
"मिट्टी से लेकर पत्थर तक सब बाजार भाव से दोगुनी कीमत पर खरीदा गया। जमीन असली कीमत से 7-8 गुना ज्यादा में ली गई। UP सरकार ने 2021 में जांच समिति बनाई थी, लेकिन मामला दबा दिया गया। अब ज्यादातर CCTV फुटेज डिलीट हैं और सबूत वाले स्पाई-कैमरे भी सीमित हैं। पहले शुरुआती दान लूटा गया, अब चढ़ावे का पैसा गायब है।"

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने SIT गठन पर सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप है कि चढ़ावे में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, जबकि कोर्ट ने मामले को भावनात्मक और राजनीतिक रंग न देने की बात कही है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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