मॉडल स्कूलों के रंग को लेकर बिहार विधानसभा में टकराव, RJD vs BJP आमने-सामने
बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र के पहले दिन 500+ सरकारी मॉडल स्कूलों को भगवा रंग में रंगे जाने का मुद्दा गरमा गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया, तो RJD विधायक भाई वीरेंद्र यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि स्कूलों का 'भगवाकरण' गलत संदेश देगा। बांकीपुर उपचुनाव और तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर भी सियासत हुई।
बिहार विधान मंडल का *मानसून सत्र* शुरू होते ही एक नए विवाद ने तूल पकड़ लिया। मुद्दा है राज्य के *500 से अधिक सरकारी मॉडल विद्यालयों* को *भगवा रंग* में रंगे जाने का।
स्कूलों का भगवाकरण गलत संदेश देगा
सत्र में पहुंचे RJD विधायक भाई वीरेंद्र यादव ने इस कदम को गलत बताया। उन्होंने कहा,
किसी की भी सरकार आती-जाती रहती है। आप अपनी पार्टी के रंग से स्कूलों का भगवाकरण करेंगे तो ये संदेश गलत जाएगा। शिक्षा मंत्री जी ज्यादा उजबुजाइएगा मत। आपका सारा चिट्ठा हमारे पास है। ज्यादा करेंगे तो काम खराब हो जाएगा।
भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर उपचुनाव में महागठबंधन की जीत का दावा भी किया। तेजस्वी यादव के सदन में न आने पर सफाई देते हुए कहा, "RJD का हर कार्यकर्ता तेजस्वी के रूप में काम कर रहा है। हम 40 विधायक कम नहीं हैं।"
रंग के आधार पर शिक्षा का बंटवारा नहीं
वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,
रंग के आधार पर शिक्षा का विभाजन नहीं होना चाहिए। हम सभी धर्मों के बच्चों के लिए हाईटेक शिक्षा व्यवस्था बना रहे हैं। विपक्ष को ये रास नहीं आ रहा। लेकिन हम 'चरवाहा विद्यालय' वाली स्थिति वापस नहीं आने देंगे।
मंत्री का इशारा था कि विपक्ष बेवजह रंग को मुद्दा बना रहा है जबकि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता पर काम कर रही है।
फिलहाल मॉडल स्कूलों का रंग अब सत्र का सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। सरकार इसे विकास बता रही है तो विपक्ष इसे भगवाकरण कहकर विरोध कर रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)