बांकीपुर उपचुनाव 30 जुलाई को, बीजेपी को बढ़त, PK की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय...

पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई सीट पर बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा, RJD ने रेखा गुप्ता और जन सुराज से प्रशांत किशोर को उतारा है। 1995 से बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर पार्टी संगठन, जातीय समीकरण और विपक्ष के बिखरे वोट के कारण मजबूत स्थिति में मानी जा रही है।

Jul 22, 2026 - 18:05
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बांकीपुर उपचुनाव 30 जुलाई को, बीजेपी को बढ़त, PK की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय...

पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। 30 जुलाई को वोटिंग होगी और प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। इस बार मुकाबला सीधा नहीं, त्रिकोणीय हो गया है।

कौन है मैदान में?  
पूर्व विधायक और अब राज्यसभा सांसद नितिन नवीन के ऊपरी सदन जाने से यह सीट खाली हुई थी।  
बीजेपी: नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है  
RJD: रेखा गुप्ता पर दांव खेला है  
जन सुराज: संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनाव लड़ रहे हैं  

तीनों दल जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि फिलहाल पलड़ा बीजेपी के नीरज सिन्हा के पक्ष में झुका है।

5 वजह जिनसे नीरज सिन्हा आगे माने जा रहे हैं

1. बीजेपी का पुराना गढ़  
1995 से अब तक बांकीपुर में बीजेपी एक भी चुनाव नहीं हारी है। पुराने पटना पश्चिम को मिलाकर देखें तो जीत का रिकॉर्ड और भी लंबा है। लगातार जीत से कार्यकर्ताओं का हौसला और मतदाताओं का भरोसा दोनों बीजेपी के साथ हैं।

2. जातीय गणित पक्ष में  
ये शहरी सीट है जहां कायस्थ मतदाताओं का अच्छा प्रभाव है। ये वर्ग पारंपरिक रूप से बीजेपी के साथ रहा है। इसके अलावा ब्राह्मण, भूमिहार और अन्य सवर्ण वोट भी पार्टी को मिलते हैं। एक नहीं, कई वर्गों का समर्थन बीजेपी को बढ़त देता है।

3. बूथ लेवल तक मजबूत संगठन  
उपचुनाव में संगठन ही जीत दिलाता है। बीजेपी ने हर बूथ पर अध्यक्ष, बीएलए-2, शक्ति केंद्र और मंडल पदाधिकारियों की ड्यूटी लगा दी है। रोज रिपोर्ट ली जा रही है कि कहां प्रचार कम है और किससे संपर्क बाकी है। इस मोर्चे पर बीजेपी सबसे आगे है।

4. "बांकीपुर का बेटा" वाला नैरेटिव  
बीजेपी ने नीरज सिन्हा को "बांकीपुर का बेटा" और "लोकल कैंडिडेट" के रूप में पेश किया है। नया पोस्टर "अपनी सरकार, अपना विधायक" और "स्थानीय मुद्दे, स्थानीय समाधान" के साथ जारी किया गया है। पार्टी विकास और लोकल कनेक्ट को मुख्य मुद्दा बना रही है।

5. विपक्ष में बिखराव  
बीजेपी के लिए सबसे बड़ी राहत ये है कि विपक्ष एकजुट नहीं है। एक तरफ RJD की रेखा गुप्ता हैं, दूसरी तरफ जन सुराज से प्रशांत किशोर। ऐसे में बीजेपी विरोधी वोट बंटने की संभावना है, जिसका सीधा फायदा कमल को मिल सकता है।

क्या PK फैक्टर बदलेंगे समीकरण?  
प्रशांत किशोर की पहली चुनावी पारी सबकी नजर में है। लेकिन जानकार मानते हैं कि जब तक विपक्ष का वोट एक जगह नहीं आता, बीजेपी के लिए राह आसान रहेगी।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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