बांकीपुर उपचुनाव 2026: BJP आगे, लेकिन नंबर-2 के लिए PK और RJD में कड़ी टक्कर

पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर सीट पर उपचुनाव में BJP के नीरज कुमार सिन्हा को बढ़त मिल रही है। लेकिन असली मुकाबला दूसरे स्थान के लिए है, जहां जन सुराज के प्रशांत किशोर और RJD की रेखा गुप्ता आमने-सामने हैं। जातीय समीकरण और MY वोट बैंक इस लड़ाई को और दिलचस्प बना रहे हैं।

Jul 19, 2026 - 14:33
Updated: 2 months ago
0 3
बांकीपुर उपचुनाव 2026: BJP आगे, लेकिन नंबर-2 के लिए PK और RJD में कड़ी टक्कर

बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं रहा। पूर्व BJP विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा।

पिछले 30 साल से यह सीट BJP का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। शहरी मतदाताओं वाली इस सीट पर पार्टी का संगठन और परंपरागत वोट बैंक दोनों मजबूत हैं। इसी वजह से BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को शुरुआती बढ़त वाला माना जा रहा है।

लेकिन इस बार चर्चा सबसे ज्यादा दूसरे स्थान की लड़ाई को लेकर है। मैदान में जन सुराज के प्रशांत किशोर और RJD की रेखा गुप्ता के बीच सीधी टक्कर दिख रही है।

भीड़ बनाम जनाधार  
प्रशांत किशोर की सभाओं में भीड़ और सोशल मीडिया पर चर्चा खूब है। उनकी कोशिश असंतुष्ट मतदाताओं, युवाओं और सवर्णों के एक हिस्से को अपने साथ जोड़ने की है।  
वहीं RJD की रेखा गुप्ता घर-घर जाकर पार्टी के कैडर और पुराने वोट बैंक को एकजुट करने में जुटी हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि PK के आने से चुनाव का राजनीतिक महत्व बढ़ा है, लेकिन जमीनी नतीजा सिर्फ प्रचार से तय नहीं होगा। जन सुराज का संगठन अभी नया है, जबकि RJD का यहां सालों से स्थायी आधार है।

जाति का गणित क्या कहता है?  
30 जुलाई को करीब 3.79 लाख मतदाता 422 बूथों पर वोट डालेंगे।  
बांकीपुर को कायस्थ और शहरी सवर्ण बहुल क्षेत्र माना जाता है। अकेले कायस्थ वोटर करीब 1.50 लाख यानी 14% हैं। इसके अलावा वैश्य, मुस्लिम, यादव और दलित वोटरों की भी अच्छी संख्या है।

वैश्य वोट पारंपरिक रूप से BJP के साथ रहे हैं। इसी को तोड़ने के लिए RJD ने वैश्य समाज से आने वाली रेखा गुप्ता को टिकट दिया है। अगर रेखा गुप्ता BJP के वैश्य वोट में सेंध लगा पाती हैं और उनका पारंपरिक MY यानी मुस्लिम-यादव वोट बैंक साथ रहता है, तो वह दूसरे स्थान को मजबूत कर लेंगी।

वहीं PK के लिए चुनौती बड़ी है। उनके पास RJD जैसा पुराना कैडर नहीं है। उन्हें नए वोटर जोड़ने के साथ RJD के वोट बैंक में भी सेंध लगानी होगी।

सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं  
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव प्रशांत किशोर के लिए जमीनी परीक्षा है और RJD के लिए अपने जनाधार को परखने का मौका।

फिलहाल BJP सबसे मजबूत दावेदार दिख रही है। लेकिन विपक्ष में कौन दूसरे नंबर पर रहेगा, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है। अगर RJD का कोर वोट एकजुट रहा तो PK के लिए दूसरा स्थान पाना भी आसान नहीं होगा।अंतिम तस्वीर 30 जुलाई को मतदान और वोटिंग प्रतिशत के बाद ही साफ होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User