बांकीपुर में वोट बंटवारे से BJP को मिला बढ़त, PK पर तीसरे नंबर का संकट...
बांकीपुर उपचुनाव 30 जुलाई को त्रिकोणीय जंग बन गया है। विदेश से लौटते ही तेजस्वी यादव के 2 दिन के मेगा रोड शो से RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता को बूस्ट मिला है। इससे जन सुराज के प्रशांत किशोर के वोटों में सेंध लगने का खतरा बढ़ गया है। सामाजिक समीकरण में 33% सवर्ण और 22% वैश्य वोट निर्णायक हैं। जानकारों का मानना है कि RJD और जन सुराज के बीच वोट बिखरने से परंपरागत रूप से मजबूत BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है।
पटना: 30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने अचानक करवट ले ली है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विदेश से वापसी और ताबड़तोड़ रोड शो ने पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है।
तेजस्वी के रोड शो से RJD में जान
3 हफ्ते विदेश दौरे पर रहने के बाद लौटते ही तेजस्वी ने RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता के लिए 2 दिन तक पटना में धुआंधार रोड शो किया। इसका असर साफ दिख रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे RJD का पारंपरिक 'MY' समीकरण फिर से एकजुट हुआ है। साथ ही भाजपा से नाराज कुछ वैश्य वोटर भी वापस रेखा गुप्ता के साथ आते दिख रहे हैं। पहले जो मुकाबला 'BJP vs प्रशांत किशोर' लग रहा था, वो अब पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।
बांकीपुर का जातीय गणित
करीब 3.89 लाख मतदाताओं वाली ये शहरी सीट उच्च सवर्ण बहुल है।
सवर्ण: 1.25 लाख - 1.30 लाख → सबसे बड़ा वोट बैंक। इसमें कायस्थ 65,000+, भूमिहार 35,000, ब्राह्मण 18,000। ये ब्लॉक परंपरागत रूप से BJP के साथ है।
वैश्य: 85,000 - 90,000 → करीब 22%। कलवार, गुप्ता, साहू। RJD ने इसी कार्ड पर रेखा गुप्ता को दोबारा मैदान में उतारा है।
MY समीकरण: 55,000 - 60,000 → मुस्लिम 32,000 + यादव 25,000। RJD का कोर वोटर।
दलित/महादलित: 45,000 और OBC/EBC: 70,000 → 18% फ्लोटिंग वोटर।
तेजस्वी ने वैश्य कार्ड खेला तो PK ने सवर्ण + युवा वोट साधने की कोशिश की। लेकिन अब दोनों के बीच वोट बंट रहे हैं।
प्रशांत किशोर पर तीसरे नंबर का खतरा
जन सुराज के बैनर तले पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर ने "नई सोच" के नाम पर सवर्ण वोटों में सेंध लगाने की रणनीति बनाई थी। लेकिन तेजस्वी के आक्रामक प्रचार से RJD के वोट बैंक में सेंध नहीं लग पाई।
ऊपर से तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने के बाद PK को मिले समर्थन से सवर्ण वोटरों में दूरी भी बढ़ सकती है। कोर वोट बैंक न होने की वजह से PK के तीसरे नंबर पर खिसकने का खतरा बढ़ गया है।
BJP की राह क्यों आसान हुई?
बांकीपुर BJP का अभेद्य गढ़ रहा है। 2020 में नितिन नवीन ने 39 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। 2025 में BJP का वोट शेयर 63% से ऊपर चला गया था।
इस बार भी विरोधी वोटों का बंटवारा सीधे BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को फायदा पहुंचा रहा है। सवर्ण वोट बैंक अभी भी BJP के साथ मजबूती से खड़ा है, जिससे NDA खेमा काफी कॉन्फिडेंट है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है BJP को टक्कर कौन देगा? RJD या जन सुराज?
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