बिहार में बाढ़ पर सियासत तेज, रोहिणी आचार्य ने CM सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

बिहार में बाढ़ के हालात को लेकर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने X पर एक फोटो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि सरकार हर साल बाढ़ से पहले कुंभकर्णी नींद में रहती है और बाढ़ आने के बाद सिर्फ खानापूर्ति करती है।

Sep 06, 2026 - 19:22
0 1
बिहार में बाढ़ पर सियासत तेज, रोहिणी आचार्य ने CM सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
बिहार में बाढ़ पर सियासत तेज, रोहिणी आचार्य ने CM सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

पटना - बिहार में बाढ़ के हालात पर सियासत गरमा गई है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला है।

सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक तरफ पूरा इलाका पानी में डूबा दिख रहा है और दूसरी तरफ सीएम कुर्सी पर बैठकर चाय पी रहे हैं। उन्होंने लिखा कि आम लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं और सरकार सोई हुई है।

रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिहार में बाढ़ कोई नई बात नहीं है, हर साल यह आती है। इसके बावजूद सरकार, आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासन स्थायी समाधान पर काम नहीं करता। बाढ़ आने के बाद ही हवाई सर्वेक्षण, समीक्षा बैठक और बयानबाजी शुरू हो जाती है।

उन्होंने कहा कि बिहार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बाढ़ और कटाव के लिहाज से संवेदनशील है। जुलाई-अगस्त-सितंबर में उत्तरी, मध्य और पूर्वी बिहार के दो दर्जन से ज्यादा जिले डूब जाते हैं, फिर भी सरकार पहले से कोई तैयारी नहीं करती। पानी भरने के बाद ही नींद खुलती है, जो शासन की लापरवाही है।

रोहिणी ने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण और कटाव रोकने के नाम पर हर साल अरबों रुपये का बजट आता है, लेकिन तटबंधों की मरम्मत, गाद निकालना और जल निकासी का काम सिर्फ फाइलों में रह जाता है। समय पर तटबंधों का ऑडिट नहीं होता और कटाव रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

उन्होंने कहा कि 20 साल से ज्यादा के शासन में भी NDA सरकार स्थायी विस्थापन नीति, नदियों को आपस में जोड़ने और नेपाल के साथ जल प्रबंधन पर कोई मजबूत नीति नहीं बना पाई। आपदा प्रबंधन विभाग का काम बाढ़ के असर को कम करना होना चाहिए, न कि बाढ़ आने के बाद एक्टिव दिखना।

रोहिणी ने अंत में कहा कि जब तक सरकार बाढ़ को आकस्मिक घटना की जगह वार्षिक संकट मानकर वैज्ञानिक सोच, ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम के साथ स्थायी व्यवस्था नहीं बनाएगी, तब तक हर साल बिहार की बड़ी आबादी को बाढ़ की तबाही झेलनी पड़ेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User