पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 30 साल बाद फंसी BJP की सीट? जन सुराज की एंट्री और RJD के नए दांव से नवल किशोर यादव को कड़ी टक्कर

बिहार में 4 शिक्षक निर्वाचन सीटों पर चुनाव, सबसे दिलचस्प पटना सीट। 1996 से लगातार 5 बार जीते BJP MLC नवल किशोर यादव का 30 साल का कब्जा। बांकीपुर की तरह जन सुराज की एंट्री से BJP टेंशन में। RJD ने पूर्व विधायक डॉ संजीव को पहले से उतारा, 6500 फर्जी वोटर कटने से समीकरण बदला।

Aug 21, 2026 - 22:28
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पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 30 साल बाद फंसी BJP की सीट? जन सुराज की एंट्री और RJD के नए दांव से नवल किशोर यादव को कड़ी टक्कर

पटना: बिहार में 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नजर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर है। वजह साफ है – यहां बीजेपी MLC नवल किशोर यादव का 30 साल से कब्जा है और इस बार बांकीपुर उपचुनाव की तरह मुकाबला फंस गया है।

30 साल से अजेय हैं नवल किशोर  
नवल किशोर यादव पहले लालू के स्कूल के प्रोडक्ट थे, बाद में BJP में आए। चुनाव आयोग के मुताबिक उन्होंने 1996, 2002, 2008, 2014 और 2020 – लगातार 5 बार शिक्षक निर्वाचन चुनाव जीता है। पिछले चुनाव 2020 में उन्हें 3176 वोट मिले थे, जबकि RJD के नारायण यादव को 1923 वोट। तब RJD ने काफी देर से उम्मीदवार घोषित किया था, इसलिए लड़ाई एकतरफा रही।

जन सुराज ने बढ़ाई BJP की टेंशन  
प्रशांत किशोर ने 4 शिक्षक और 4 स्नातक सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। इसका सबसे बड़ा असर पटना सीट पर दिख रहा है। भले जन सुराज ने अभी नाम घोषित नहीं किया, लेकिन बांकीपुर में BJP को हराने के बाद अब पार्टी इस सीट को हल्के में नहीं ले रही है। अंदरखाने कड़े संघर्ष का अंदेशा है।

RJD का नया दांव – डॉ संजीव  
इस बार RJD ने गलती नहीं दोहराई। पहले से ही पूर्व JDU विधायक डॉ संजीव को मैदान में उतार दिया है। डॉ संजीव ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले RJD जॉइन किया था और हार के बाद से ही शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की तैयारी में जुटे हैं।

फर्जी वोटर कटने से बदला गणित  
सबसे बड़ा झटका वोटर लिस्ट से लगा है। कहा जाता है कि पटना में फर्जी वोटर ही जीत तय करते थे।

कुल वोट: 16 हजार से ज्यादा
कटे फर्जी वोट: 6500

विरोधी दलों ने मिलकर ये नाम कटवाए हैं। ऐसे में नवल किशोर यादव का पुराना फॉर्मूला गड़बड़ा सकता है।

बांकीपुर के बाद अगर जन सुराज पटना शिक्षक सीट पर भी मजबूत उम्मीदवार उतार देता है तो त्रिकोणीय मुकाबले में 30 साल का किला ढह भी सकता है। RJD पहले से तैयारी में है और फर्जी वोट कटने से BJP की राह मुश्किल हो गई है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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